

Student Protest Yavatmal: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में सोमवार को यवतमाल के संविधान चौक, बस स्टैंड पर विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं राजनीतिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में धरना आंदोलन किया गया। आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने श्रृंखलाबद्ध रास्ता रोको कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने नरेंद्र मोदी मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। आंदोलनकारियों ने कहा कि छात्रों की मांगों को लेकर सोनम वांगचुक और छात्र प्रतिनिधि पिछले 22 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनका आरोप था कि सरकार ने बातचीत के बजाय पुलिस बल का प्रयोग कर सोनम वांगचुक को हिरासत में लिया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
इस कार्रवाई के विरोध में यवतमाल में शांतिपूर्ण धरना एवं रास्ता रोको आंदोलन आयोजित किया गया। घरना आंदोलन को विधायक बालासाहेब मांगुलकर तथा वरिष्ठ शिक्षाविद प्रा. वसंत पुरके ने समर्थन दिया। उन्होंने आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और छात्रों की मांगों पर सकारात्मक विचार करने की आवश्यकता बताई।
आंदोलन के कारण कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। हालांकि पुलिस की मौजूदगी में स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही और बाद में आंदोलन समाप्त कर दिया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में विद्यार्थी, सामाजिक कार्यकर्ता, विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी तथा नागरिक उपस्थित थे।
दिल्ली में चल रहे आंदोलन के समर्थन में घाटंजी तहसील में वंचित बहुजन आघाड़ी की ओर से सोमवार को तहसील कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग की।
वंचित बहुजन आघाड़ी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एड. बालासाहेब (प्रकाश) आंबेडकर के आह्वान पर आयोजित इस आंदोलन के बाद भारत की राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में नीट परीक्षा प्रकरण की निष्पक्ष जांच, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शी सुधार, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा तथा सोनम वांगचुक द्वारा उठाई गई मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की गई।
आंदोलन का नेतृत्व वंचित बहुजन आघाड़ी के घाटंजी तहसील अध्यक्ष संघपाल कांबले ने किया। इस दौरान शहर अध्यक्ष सतीश रामटेके, युवक आघाड़ी के गौरव शेंडे, सम्यक विद्यार्थी आंदोलन के सिद्धांत जीवने सहित प्रफुल्ल सोनकांबले, सुरेश भंवरे, प्रा. म. ना. कांबले सहित महिला आघाड़ी, युवक आघाड़ी, सम्यक विद्यार्थी आंदोलन के पदाधिकारी, वंचित बहुजन आघाड़ी के कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए।
सोनम वांगचुक का आमरण अनशन लगातार जारी है। उनके समर्थन में तथा विद्यार्थियों के मुद्दों को लेकर किनवट में विद्यार्थी कृती समिति और डीवाईएफआई के संयुक्त तत्वावधान में सरकार के विरोध में भव्य सद्भावना रैली निकाली गई।
यह रैली ठाकरे चौक से शुरू होकर शहर के विभिन्न मागों से होते हुए जिजामाता चौक पहुंची। यहां आंदोलनकारियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। आदोलनकारियों की ओर से उपविभागीय अधिकारी कार्यालय के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा गया।
विद्यार्थियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आंदोलन का आयोजन युवा नेता स्टालिन आडे के नेतृत्व में किया गया। आदोलन को समर्थन देने वालों में किसान नेता अर्जुन आडे, कांग्रेस पार्टी की नंदिनी टारपे, पूर्व नगराध्यक्ष के।
मूर्ति अण्णा, शिवसेना (उबाठा गुट) के पार्षद प्रशांत कोरडे, राकांपा शरद पवार गुट के जयवंत वानोले, अभय कोदे, सिराज जीवाणी, सुभाष नायक, शमशेर खिचची, जनार्दन काले, अडेलु बोनगीर सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता उपस्थित थे।