

ATS Operation Yavatmal: महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने रविवार को राज्य में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। एटीएस की 20 टीमों ने शनिवार मध्यरात्रि से रविवार सुबह तक 21 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई यवतमाल और अहमदनगर (पूर्व में अहिल्यानगर) जिलों में की गई, जहां टीमों ने संदिग्धों के घरों और कार्यालयों की तलाशी ली।
पिछले कुछ महीनों में महाराष्ट्र एटीएस अल-कायदा और अन्य संगठनों से जुड़े कई सनसनीखेज आतंकी गतिविधियों का खुलासा कर चुका है। पिछली कार्रवाइयों में सामने आया है कि पाकिस्तान और अन्य देशों से प्रायोजित कट्टरपंथी तत्व धर्म के नाम पर युवाओं को बरगला कर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल करने का प्रयास कर रहे हैं। ‘गजवा-ए-हिंद’ यानी भारत के इस्लामीकरण की रणनीति के तहत चलाए जा रहे ऐसे आतंकी ऑपरेशनों पर भारतीय जांच एजेंसियां पैनी नजर रखे हुए हैं।
कट्टरपंथी गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए एजेंसियां लगातार सतर्कता बरत रही हैं। इसी दौरान खुफिया जानकारी के आधार पर यवतमाल जिले के पुसद और उमरखेड शहरों में कम से कम 14 स्थानों पर तथा अहमदनगर जिले में 7 ठिकानों पर छापेमारी की गई। एटीएस प्रमुख चंद्र किशोर मीणा के निर्देशन में गठित विशेष टीमों ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से यह अभियान चलाया। ऑपरेशन में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी भी शामिल थे और पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
महाशिवरात्रि के दिन की गई इस कार्रवाई को बेहद गोपनीय रखा गया था। अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं में बढ़ रहे कट्टरपंथ पर लगाम लगाना है। खुफिया इनपुट मिले थे कि कुछ संदिग्ध तत्व युवाओं को आतंकी संगठनों से जोड़ने और उन्हें सक्रिय करने का प्रयास कर रहे हैं। पर्व के दौरान सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही हाई अलर्ट पर थीं और उसी दौरान इस ऑपरेशन को विशेष सतर्कता के साथ अंजाम दिया गया।
एटीएस टीमों ने संदिग्ध ठिकानों की तलाशी लेकर आपत्तिजनक दस्तावेज, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और कुछ संदिग्ध साहित्य जब्त किया है। प्रारंभिक जांच में ऐसी सामग्री मिलने की सूचना है, जो युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और आतंकी संगठनों से जोड़ने की कोशिशों से संबंधित हो सकती है।
इस अभियान के दौरान एटीएस की टीमों ने एक दर्जन से अधिक संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया है। हालांकि अभी तक किसी की औपचारिक गिरफ्तारी नहीं की गई है, लेकिन उनसे पूछताछ जारी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी संदिग्ध और अवांछित गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और राज्य में शांति बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।