महिलाओं के विरोध के बाद महागांव में अवैध शराब कारोबार पर कार्रवाई, कई ठिकानों पर छापेमारी

Illegal Liquor Raid: महिलाओं के विरोध के बाद महागांव में शराब दुकान बंद कर दी गई। थाना प्रभारी सुनील अंभोरे के नेतृत्व में पुलिस ने तहसील परिसर के पास छापेमारी कर अवैध शराब का बड़ा जखीरा जब्त किया।
Illegal Liquor Raid
अवैध शराब प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया)
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Women Protest Against Desi Daru: यवतमाल जिले के महागांव शहर के वार्ड क्रमांक 1 में स्थित एक देशी शराब दुकान के खिलाफ स्थानीय महिलाओं ने एकजुट होकर मोर्चा खोल दिया। महिलाओं के इस उग्र विरोध प्रदर्शन के बाद आखिरकार प्रशासन को कदम पीछे खींचने पड़े और संबंधित शराब दुकान को पूरी तरह से बंद कर दिया गया। हालांकि, शहर की विभिन्न गलियों, रिहायशी मोहल्लों और अंदरूनी इलाकों में पुलिस की कथित अनदेखी और ढुलमुल रवैये के चलते पिछले कई दिनों से अवैध देशी शराब का कारोबार धड़ल्ले से फल-फूल रहा था।

इस अवैध धंधे के कारण स्थानीय जनभावनाएं तेजी से भड़क रही थीं, जिसे देखते हुए पुलिस प्रशासन के सामने इस पर रोक लगाने की एक बड़ी और कड़ी चुनौती खड़ी हो गई थी। इसी पृष्ठभूमि में, महागांव पुलिस ने सोमवार सुबह एक विशेष और सघन अभियान चलाते हुए अवैध शराब माफियाओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर दंडात्मक कार्रवाई को अंजाम दिया है।

तहसील कार्यालय की दीवार से सटकर चल रहा था अवैध धंधा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, महागांव तहसील कार्यालय की मुख्य सुरक्षा दीवार से बिल्कुल सटकर पिछले दो-तीन वर्षों से अवैध देशी शराब की धड़ल्ले से बिक्री की जा रही थी। स्थानीय जागरूक नागरिकों द्वारा समय-समय पर इसकी लिखित शिकायतें दी गईं और समाचार पत्रों में भी खबरें प्रमुखता से प्रकाशित हुईं। इसके बाद पुलिस द्वारा कभी-कभार रेड की कार्रवाई की भी जाती थी, लेकिन वह महज एक औपचारिकता और कागजी खानापूर्ति तक ही सीमित रह जाती थी। कुछ दिनों तक शांत रहने के बाद यह अवैध धंधा दोबारा उसी रफ़्तार से शुरू हो जाता था, जिसके कारण आम जनता के बीच पुलिस की कार्यप्रणाली के प्रति गहरा असंतोष और नाराजगी पनप रही थी।

रविवार से शुरू हुआ 'ऑपरेशन क्लीन'

महागांव पुलिस स्टेशन के तत्कालीन थाना प्रभारी धनराज नीले के तबादले के बाद, रिक्त पद पर थाना प्रभारी के रूप में सुनील अंभोरे ने जैसे ही कार्यभार संभाला, उन्होंने सबसे पहले इन अवैध शराब कारोबारियों को निशाने पर लिया। रविवार सुबह से ही अंभोरे के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीमों ने शहर के अलग-अलग संवेदनशील और चिन्हित क्षेत्रों में अचानक छापेमारी शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस ने तहसील कार्यालय की दीवार के पास स्थित एक पानटपरी में खुलेआम बेची जा रही अवैध देशी शराब के साथ-साथ अन्य ठिकानों पर भी छापा मारकर शराब का एक बहुत बड़ा जखीरा बरामद किया है। इस चौतरफा कार्रवाई से लंबे समय से बेखौफ चल रहे अवैध शराब के सिंडिकेट पर काफी हद तक लगाम लग गई है।

शराब पर तो चला हथौड़ा

एक तरफ जहां अवैध शराब विक्रेताओं पर हुई इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से शराब माफियाओं के खेमे में भारी हड़कंप मचा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ महागांव  शहर में एक नई चर्चा भी जोरों पर शुरू हो गई है। महागांव शहर सहित संपूर्ण तहसील क्षेत्र में खुलेआम पैर पसार चुके 'वरली मटका' (जुआ) के बड़े अड्डों के खिलाफ अब तक पुलिस द्वारा कोई भी ठोस या बड़ी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है।

नागरिकों के बीच यह सवाल गहराई से गूंज रहा है कि क्या मटका जुआ के इन बड़े नेटवर्क और राज्य राजमार्ग पर स्थित कुछ चुनिंदा आलीशान रेस्टोरेंटों व ढाबों से संचालित हो रही कथित संदिग्ध अवैध गतिविधियों पर भी नए साहब का डंडा चलेगा या नहीं? अब नए नवागत थाना प्रभारी के सामने न केवल अवैध शराब, बल्कि क्षेत्र के इन संगठित जुआ और मटका अड्डों को भी जड़ से उखाड़ फेंकने की एक बहुत बड़ी चुनौती है। फिलहाल, शहर की आम जनता की पैनी नजरें पुलिस प्रशासन की आगामी रणनीति और एक्शन प्लान पर टिकी हुई हैं।

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