

Mahagaon Farmers Fear: महागांव तहसील के ग्राम बोरी (ई.) शिवार के खेत परिसर में पिछले दो महीनों से तेंदुए की खुलेआम आवाजाही से किसान भयभीत हैं। इसका सीधा असर खेती के कामकाज पर पड़ रहा है। मंगलवार सुबह खेत में काम के लिए गए किसानों को तरबूज की फसल के बीच एक नीलगाय गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ी मिली।
घटना की जानकारी मिलते ही किसान नेता मनीष जाधव सहित कई किसान मौके पर पहुंचे और काली (दौ.) वन परिक्षेत्र कार्यालय को सूचना दी। ग्राम बोरी (ई.) शिवार में नीलगाय के घायल मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। वन परिक्षेत्र अधिकारी सम्राट मेश्राम और वनपाल चिरमाडे को घटना से अवगत कराया गया। अधिकारियों ने घायल नीलगाय को रेस्क्यू कर उपचार के निर्देश दिए।
किसानों ने बताया कि इस क्षेत्र में नीलगाय, जंगली सूअर, तेंदुआ और लोमड़ी जैसे वन्यजीव लगातार दिखाई देते हैं, जिससे खेती करना मुश्किल हो गया है। रात के समय तेंदुए ने लगभग दो एकड़ क्षेत्र में फैली तरबूज की फसल में नीलगाय पर हमला किया। इस संघर्ष में फसल को भारी नुकसान हुआ। तेंदुए के पंजों से नीलगाय की पीठ बुरी तरह जख्मी हो गई थी और अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था। तरबूज की खेती में पहले ही भारी लागत आती है, वहीं फसल के बीच रोही (झाड़ियों) के कारण रेस्क्यू के दौरान किसानों को और नुकसान उठाना पड़ा। किसान नेता मनीष जाधव ने फसल नुकसान के बदले उचित आर्थिक मुआवजा देने हेतु मौके पर पंचनामा करने की मांग वन विभाग से की है।
किसानों का कहना है कि नीलगाय और अन्य वन्यजीव तूअर सहित अन्य फसलों को भी लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं। अनेक उपाय करने के बावजूद फसलों की तबाही जारी है, जिससे किसानों की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
इस मुद्दे पर तीव्र नाराजगी व्यक्त करते हुए मनीष जाधव ने कहा कि या तो वन विभाग तुरंत इन वन्यजीवों का बंदोबस्त करे, अन्यथा किसानों की जमीन का भू-अधिग्रहण किया जाए। यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो न्यायिक मार्ग से आंदोलन छेड़ा जाएगा, ऐसी चेतावनी भी उन्होंने दी। इस समय पूर्व जिला परिषद सदस्य परसराम डावरे, अय्यूब भाई अंसार भाई पठाण, ज्ञानेश्वर राठोड, विशाल जाधव, केशव पवार, कुंडलिक डावरे, गोपाल जाधव, रतन पवार सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।