Yavatmal News: कोलाम समाज के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक विकास की मांगों को लेकर निकाले गए पैदल लॉन्ग मार्च का समापन सोमवार को यवतमाल में पालकमंत्री के कार्यालय में हुआ. इस मार्च का मुख्य उद्देश्य शामा दादा कोलाम स्वतंत्र अध्ययन आयोग की स्थापना समेत विभिन्न मांगों को सरकार तक पहुंचाना था.
आदिवासी युवा नेता अतुल आत्राम के नेतृत्व में और शामादादा कोलाम ब्रिगेड की प्रदेशाध्यक्ष इंदिरा बोंदरे के मार्गदर्शन में पांढरकवड़ा से यवतमाल तक तीन दिनों का कठिन पैदल मार्च पूरा किया गया. राज्य के मृद एवं जलसंवर्धन मंत्री तथा यवतमाल के पालकमंत्री संजय राठौड़ इस समय मुंबई में अधिवेशन के कारण मौजूद नहीं थे.
उनकी ओर से विशेष कार्य अधिकारी एवं उपजिलाधिकारी मोहन जोशी ने आंदोलनकारियों का ज्ञापन स्वीकार किया. इस दौरान शिवसेना के संपर्क प्रमुख हरिहर लिंगनवार सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे. इस मौके पर मंत्री संजय राठौड़ ने आंदोलनकारियों से फोन पर सीधे संवाद किया और आश्वासन दिया कि कोलाम समाज के विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है.
उन्होंने कहा कि जल्द ही मुंबई या यवतमाल में प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कर सभी मुद्दों का समाधान किया जाएगा.तीन दिनों तक लगातार पैदल चलने के कारण कई आंदोलनकारियों के पैरों में छाले पड़ गए थे. इसे देखते हुए पालकमंत्री कार्यालय में डॉक्टरों की टीम बुलाई गई, जिन्होंने सभी की जांच कर उपचार किया.इस समापन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कोलाम समाज के लोग उपस्थित थे.
इस दौरान शामा दादा कोलाम स्वतंत्र अध्ययन आयोग की स्थापना, प्रत्येक परिवार को पीएम जनमन या आदिम आवास योजना के तहत पक्का घर, कोलाम बस्तियों तक सड़क, पानी और बिजली की सुविधा, छात्रों के लिए शामा दादा कोलाम छात्रवृत्ति शुरू करना, कोलामी भाषा के संरक्षण के लिए कोलामी साहित्य अकादमी की स्थापना, यवतमाल में क्रांतीवीर शामा दादा कोलाम का भव्य स्मारक, महिला समूहों को शून्य ब्याज पर ऋण और रोजगार के अवसर निर्माण करने की मांग प्रमुखता से रखी गई.