Yavatmal News: दिघोरी में चालीस साल बाद ग्राम पंचायत चुनाव, ग्रामीणों में दिखा उत्साह
- Written By: नवभारत डेस्क
- जिले में आम चुनाव के लिए 87 फीसदी और उपचुनाव में 85 फीसदी चुनाव
यवतमाल. यवतमाल व दारव्हा तहसील की सीमा पर स्थित दिघोरी-वरूड गांव में तकरीबन 40 वर्षों तक ग्राम पंचायत का अस्तित्व नहीं था. लंबी प्रतिक्षा के बाद दिघोरी गांव में स्वतंत्र ग्रामपंचायत का निर्माण हुआ. रविवार को दिघोरी ग्रामपंचायत के चुनाव लिए गए. इस चुनाव में ग्रामीणों का उत्साह भी देखने को मिला. वहीं जिले की 31 ग्रामपंचायतों के लिए 87 फीसदी और 22 ग्रामपंचायतों के उपचुनाव का औसत 85 फीसदी रहा. सरपंच के अलावा सदस्यों के 416 उम्मीदवारों की किस्मत मतपेटी में बंद हो गई है. सोमवार 6 नवंबर को मतगणना होगी.
बता दें कि जिले के ओझर, इजारा, वरूड, दिघोरी यह तीन गांव मिलाकर समूह ग्रामपंचायत तैयार की गई थीं. गांव के मतदाताओं के माध्यम से ग्रामपंचायत पर सदस्य चुनकर दे रहे थे. साल 1982-1983 में जिले के तहसीलों की पुर्नरचना की गई. जिसके बाद ओझर गांव दारव्हा तहसील में आया. वहीं दिघोरी, वरूड इजारा इन दोनों गांवों का सामवेश यवतमाल तहसील में किया गया.
मूल ओझर ग्रामपंचायत दारव्हा तहसील में समाविष्ठ होने से दिघोरी व वरूड इजारा गांव को ग्रामपंचायत से हटाया गया. इसीलिए सरकारी योजनाओं से दिघोरी, वरूड इजारा गांव बीते 1983 से वंचित रह रहा है. साल 2011 की जनगणना के अनुसार दिघोरी गांव की जनसंख्या 801, वरूड इजारा गांव की जनसंख्या 485 पर पहुंच गई है. अनेक वर्षों की डिमांड के बाद दिघोरी गांव को स्वतंत्र ग्रामपंचायत का दर्जा मिला है. जिसके बाद यहां पर पहले आम चुनाव लिए गए.
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दिघोरी, वरूड इजारा गांव के ग्रामीणों ने 40 साल बाद मतदान किया. इसके अलावा जिले की 31 ग्रामपंचायत व 22 ग्रामपंचायत के उपचुनाव के लिए 117 मतदान केंद्रों पर चुनाव लिया गया. शाम साढे पांच बजे तक आम चुनाव के लिए 87 फीसदी और उपचुनाव के लिए 85 फीसदी चुनाव हुए. सोमवार 6 नवंबर को संबंधित तहसीलों में मतगणना होगी.
आम चुनाव में सात सरपंच निर्विरोध
आम चुनाव के दौरान सात सरपंच निर्विरोध और 102 सदस्य निर्विरोध चुने गए है. वहीं उपचुनाव में 24 सदस्य निर्विरोध हुए है. इस चुनाव को लेकर अनेक नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है. 6 नवंबर को मतगणना के बाद चित्र स्पष्ट होगा.
यहां पर हुए आम चुनाव व उपचुनाव
रविवार को यवतमाल तहसील की दो , बाभुलगांव तहसील के चार, दारव्हा की दो, पुसद की एक, उमरखेड के तीन, केलापुर के चार, घाटंजी के आठ, रालेगांव के 6, मारेगांव की पांच कुल 35 ग्रामपंचायतों में से 31 ग्रामपंचायतों के चुनाव लिए गए. वहीं दूसरी ओर यवतमाल तहसील की 9 ग्रामपंचायतों में से 2, पुसद तहसील की 15 ग्रामपंचायतों में से तीन, उमरखेड तहसील की 6 ग्रामपंचायतों से दो, महागांव तहसील की पांच ग्रापं में से 2, केलापुर तहसील की तीन ग्रापं में से 1, घाटंजी तहसील की सात ग्रापं में से 1, झरीजामणी की चार ग्रामं में से एक, रालेगांव की 9 ग्रापं में से दो, आर्णी तहसील की सात ग्रापं में से 4, नेर तहसील की तीन ग्रापं में से एक, कलंब तहसील की दो में से एक, वणी तहसील की 15 ग्रापं में से दो कुल 85 ग्रापं में से 22 ग्रापं के उपचुनाव हुए.
