हम बातचीत के लिए तैयार, उग्र प्रदर्शन के बीच धर्मेंद्र प्रधान की पहली प्रतिक्रिया; छात्रों के लिए क्या कहा?
Dharmendra Pradhan Reaction: दिल्ली में पिछले दो दिनों से कॉकरोच जनता पार्टी और विपक्षी दलों का उग्र प्रदर्शन जारी है। इसी बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की ओर से पहली प्रतिक्रिया सामने आई है।
- Written By: मनोज आर्या
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, (सोर्स- सोशल मीडिया)
Dharmendra Pradhan First Reaction Amid Protest: नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन जारी है। सोमवार, 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा ‘संसद मार्च’ के बाद यह प्रदर्शन और तेज हो गया। मंगलवार की शाम कांग्रेस नेता राहुल गांधी पार्टी के अन्य नेताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे। हालांकि, बाद में पुलिस ने राहुल गांधी समेत कांग्रेस के कई नेताओं को हिरासत में लिया और देर रात उन्हें छोड़ा गया। सरकार के खिलाफ कई मोर्चे पर हो रहे प्रदर्शन के बीच धर्मेंद्र प्रधान की ओर से पहली बार प्रतिक्रिया सामने आई है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने लिखा कि राहुल गांधी और कांग्रेस संसद के मानसून सत्र के दौरान रुकावटें पैदा करने के लिए छात्रों को राजनीतिक टूल के तौर पर बेशर्मी से इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष प्रधानमंत्री के आवास के बाहर धरना देने का फैसला किया, जिससे लोगों को परेशानी हुई और तय सिक्योरिटी प्रोटोकॉल को नजरअंदाज किया गया।
चर्चा के लिए तैयार है सरकार- धर्मेंद्र प्रधान
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि सरकार के पूरी चर्चा के लिए तैयार होने की बात कहने के बाद भी कांग्रेस ने लोकतांत्रिक बहस के बजाय राजनीतकि तमाशा चुना। उनका मकसद कभी भी छात्रों के लिए सॉल्यूशन नहीं था, बल्कि राजनीतिक फायदे के लिए गड़बड़ी पैदा करना था। राहुल गांधी का यह कदम छात्रों के हित में नहीं है। यह चर्चा के हर सही रास्ते खुलने के बाद टकराव पैदा करने के लिए किया जा रहा है। हमारी सरकार NEET पर चर्चा करने और संसद में हमारे युवाओं की हर सही चिंता को दूर करने के लिए 100 प्रतिशत प्रतिबद्ध है।
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LoP Shri @RahulGandhi and @INCIndia continue to shamelessly exploit students as political tools to manufacture disruption during the Monsoon Session of Parliament. Shri @RahulGandhi and @INCIndia chose to stage a dharna outside the Hon’ble Prime Minister’s residence , causing… — Dharmendra Pradhan (@dpradhanbjp) July 21, 2026
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि भारत के छात्र किसी राजनीतिक अभियान में सहारा बनने से कहीं बेहतर के हकदार हैं। वे अव्यवस्था के बजाय निश्चितता, नारों के बजाय समाधान और गड़बड़ी के बजाय जिम्मेदारी के हकदार हैं। हम अपने छात्रों के लिए गुस्से से कहीं ज्यादा के कर्जदार हैं। हमें उन्हें जवाब, सुधार और जवाबदेही देनी होगी। हमारी सरकार ठीक ऐसे ही करने के लिए प्रतिबद्ध है।
PM आवास के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन
देश की राजधानी दिल्ली में उस समय राजनीतिक हलचल काफी तेज हो गई जब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी अपने दर्जनों समर्थकों के साथ अचानक प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। वरिष्ठ नेताओं के इस तरह सड़क पर बैठने की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। मामले की संवेदनशीलता और वरिष्ठ नेताओं के सम्मान को ध्यान में रखते हुए सरकार तुरंत हरकत में आई।
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पुलिस हिरासत में लिए गए कांग्रेस नेता
सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन को तुरंत मौके पर भेजा गया। दोनों अधिकारियों और नेताओं ने मौके पर पहुंचकर राहुल गांधी से बातचीत की और धरना समाप्त करने का आग्रह किया। उन्हें समझाया गया कि यह जगह आम जनता की आवाजाही के लिए है और धरने के कारण आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, कांग्रेस ने धरना खत्म करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
