Yavatmal: एक महीने के इंतजार के बाद बारिश से किसानों को राहत, गाज गिरने से 4 लोगों की मौत
Heavy Rainfall: 1 महीने के इंतजार के बाद हुई जोरदार बारिश से किसानों को राहत मिली। 11 राजस्व मंडलों में अतिवृष्टि दर्ज हुई। आकाशीय बिजली और अन्य घटनाओं में चार लोगों की मौत हुई और 16 मकान उजड़े।
- Written By: अनन्या तिवारी
यवतमाल जिले में भारी बारिश (सोर्स- फाइल फोटो नवभारत
Heavy Rainfall Affects Several Villages: पिछले एक महीने से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को आखिरकार 23 जून को राहत मिली। यवतमाल जिले में दोपहर बाद शुरू हुई जोरदार बारिश ने किसानों के चेहरे खिला दिए। 23 और 24 जून को जिले में कुल 24 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि 11 राजस्व मंडलों में 65 मिमी से अधिक बारिश होने से अतिवृष्टि की स्थिति बन गई।
हालांकि, बारिश के साथ हुई आकाशीय बिजली और अन्य घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 16 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।
आद्रा नक्षत्र में बरसे मेघ, बुवाई कार्य ने पकड़ी रफ्तार
मृग नक्षत्र के दौरान अपेक्षित वर्षा नहीं होने से किसान चिंतित थे और आद्रा नक्षत्र में अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे थे। 23 जून को हुई जोरदार वर्षा ने किसानों को बड़ी राहत दी है। 24 जून से जिलेभर में खरीफ फसलों की बुवाई का कार्य तेज हो गया है।
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बारिश के दौरान चार लोगों की मौत
बारिश के दौरान हुई विभिन्न घटनाओं में जनहानि भी हुई। यवतमाल के आशीष जयकुमार कापसे की तालाब में डूबने से मृत्यु हो गई।
वहीं, कलंब तहसील के उमरी निवासी भीमराव काटकर और निखिल भोयर तथा उमरखेड तहसील के महेश गणेश आडे की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
रालेगांव तहसील में बिजली गिरने से एक पशुधन की भी मौत हुई है।
16 मकान हुए क्षतिग्रस्त
23 जून को जिले की कई तहसीलों में हुई मूसलाधार बारिश के कारण 11 राजस्व मंडलों में 65 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई। पुसद तहसील के एक गांव में 5 मकान, वणी तहसील में 7, बाभुलगांव तहसील में 1 और नेर तहसील में 3 मकान क्षतिग्रस्त हुए। इस प्रकार जिले के 5 गांवों में कुल 16 मकानों को आंशिक अथवा पूर्ण नुकसान पहुंचा है।
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छह हेक्टेयर क्षेत्र की फसलें प्रभावित
अतिवृष्टि के कारण जिले में लगभग 6 हेक्टेयर क्षेत्र की फसलें और कृषि भूमि प्रभावित हुई हैं। नेर तहसील के एक गांव में 0.70 आर कृषि भूमि बह गई।
वहीं, दारव्हा तहसील के दो गांवों में 2.71 हेक्टेयर क्षेत्र की फसलें नुकसानग्रस्त हुईं तथा 0.72 आर कृषि भूमि का कटाव हुआ है।
वणी में सबसे अधिक बारिश
यवतमाल जिले में एक ही रात में औसतन 23.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई। सबसे अधिक 72.0 मिमी वर्षा वणी तहसील में दर्ज की गई, जिससे वहां अतिवृष्टि जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।
