Yavatmal Electricity Cut News: ढाणकी क्षेत्र में महावितरण की कार्यप्रणाली को लेकर नागरिकों में तीव्र नाराजगी देखने को मिल रही है। जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जाने और अधिकारियों की कथित मनमानी के विरोध में स्थानीय नागरिकों व जनप्रतिनिधियों ने उपकार्यकारी अभियंता को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की चेतावनी दी है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि उपभोक्ताओं पर स्मार्ट मीटर लगाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। कई मामलों में ग्राहकों को लालच या डर दिखाकर मीटर स्वीकार करने को मजबूर किया जा रहा है, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।
नागरिकों का कहना है कि शिकायत लेकर कार्यालय पहुंचने पर अधिकारी अनुपस्थित रहते हैं। सहायक अभियंता मुख्यालय में उपलब्ध नहीं रहते, जिससे समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।
बिजली आपूर्ति को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। बार-बार हो रही कटौती के कारण नगर पंचायत की जलापूर्ति योजना प्रभावित हो रही है, जिससे शहर में कृत्रिम जल संकट की स्थिति बन रही है।
इसके अलावा, उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि बिजली संबंधी जानकारी मांगने पर अधिकारियों द्वारा धमकाने, झूठे मामलों में फंसाने और अपमानजनक व्यवहार करने जैसी घटनाएं भी सामने आ रही हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि संबंधित सहायक अभियंता अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर रहे, बावजूद इसके उच्च अधिकारी कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
ज्ञापन सौंपने के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इसमें कांग्रेस, मनसे, शिवसेना, राकांपा सहित अन्य दलों के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर विरोध दर्ज कराया।
मनसे तहसील अध्यक्ष सादिक शेख ने चेतावनी दी कि बिना पूर्व सूचना बिजली कनेक्शन काटना और वसूली के नाम पर स्मार्ट मीटर लगाना गलत है। यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
नागरिकों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।