7 महिलाओं की शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं! अब छेड़छाड़ केस में गिरफ्तार हुआ दारव्हा ST प्रबंधक
Darwha ST Manager Molestation Case: दारव्हा डिपो के ST प्रबंधक नितीन उजवणे पर महिला कर्मचारी से छेड़छाड़ का आरोप लगा। पुलिस ने गिरफ्तार कर 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा।
- Written By: प्रिया जैस
छेड़छाड़ का मामला (डिजाइन फोटो)
Maharashtra State Transport News: राज्य परिवहन महामंडल के दारव्हा डिपो के प्रबंधक नितीन उजवणे के खिलाफ एक महिला लिपिक ने छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई है। दारव्हा पुलिस ने गुरुवार (6 नवंबर) को उजवणे के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया न्यायालय ने आरोपी को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
शिकायत के अनुसार, उजवणे पिछले आठ महीनों से महिला कर्मचारी को जानबूझकर परेशान कर रहे थे कार्यालय में किसी भी दस्तावेज पर काम करने के लिए हमेशा उसी महिला का नाम लिया जाता था जब महिला ने इस पर सवाल उठाया, तो उजवणे ने धमकी दी जब तक मेरी बात नहीं मानोगी तब तक ऐसा ही झेलना पड़ेगा।
जानें पूरी घटना
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि दस्तावेजों पर हस्ताक्षर के दौरान उजवणे ने अशोभनीय हरकतें और अनुचित व्यवहार किया इसके अलावा, उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष महिला की बदनामी करने की साजिश भी रची। घटना के दिन, गुरुवार सुबह ड्यूटी पूरी करने के बाद जब महिला कर्मचारी पैदल अपने नातूवाडी स्थित घर जा रही थी तभी उजवणे मोटरसाइकिल से पीछे आए और रास्ते में अश्लील इशारे किए महिला ने शोर मचाया तो उजवणे ने स्पीड बढ़ाकर मौके से फरार हो गए।
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शिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर उजवणे को गिरफ्तार किया। न्यायालय में पेशी के बाद उन्हें 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। इस प्रकरण की जांच थानेदार मुले के मार्गदर्शन में पुलिस अधिकारी शिवशंकर कायंदे कर रहे हैं।
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सामूहिक शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
उजवणे के खिलाफ पहले भी सात महिला कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से विभागीय नियंत्रक के पास शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया इसी कारण उजवणे का हौसला और बढ़ गया कर्मचारियों के बीच अब यह चर्चा है कि शिकायतों के बावजूद उन्हें किसका संरक्षण मिल रहा था। इस घटना के बाद दारव्हा डिपो के कई चालक, परिचालक और अन्य कर्मचारी पुलिस के पास पहुँचे और डिपो में चल रहे कार्यप्रणाली से जुड़ी शिकायतें बताईं उजवणे के व्यवहार को लेकर कर्मचारियों में असंतोष का माहौल है।
