Yavatmal Drinking Water Crisis News: आष्टी तहसील के मोई तांडा गांव में दूषित जलापूर्ति से ग्रामीणों का स्वास्थ्य खतरे में पड़ गया है। गांव में वन तालाब स्थित कुएं से पाइपलाइन के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जाती है, लेकिन इस कुएं का पानी अत्यधिक प्रदूषित बताया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, कुएं में मृत जानवरों और गंदगी के कारण पानी पीने योग्य नहीं रहा है।
इस समस्या को लेकर गांववासियों ने गुट विकास अधिकारी के कार्यालय में पहुंचकर नया कुआं मंजूर करने और तत्काल उपाययोजना करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से पेयजल संकट बना हुआ है और कई बार शिकायत करने के बावजूद समाधान नहीं हुआ।
गांव के पूर्व उपसरपंच किसन महाराज चव्हाण, सरपंच सुषमा चव्हाण के पति गजानन चव्हाण सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से स्वच्छ जल स्रोत के लिए नए कुएं के निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि वर्तमान कुएं के स्थान के कारण लगातार गंदा पानी सप्लाई हो रहा है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि जलशुद्धीकरण प्रणाली काम नहीं कर रही है, जिससे वे दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। उन्होंने प्रशासन से जल्द ठोस योजना बनाकर स्वच्छ जलापूर्ति सुनिश्चित करने की अपील की है।
इस मामले में गुट विकास अधिकारी ने गांव का दौरा कर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है।