अंत्योदय लाभार्थियों का त्यौहार ज्वार के साथ, ‘आनंदाचा शिधा’ ने किया निराश, गेहूं की किल्लत
Anandacha Shidha Yojana in Yavatmal: महाराष्ट्र विधानसभा के आम चुनावों से पहले, सत्तारूढ़ दल ने दिवाली और विभिन्न त्योहारों पर गरीबों को मिष्ठान्न का लुप्त उठा सके।
- Written By: प्रिया जैस
यवतमाल न्यूज
Yavatmal Latest News: आम चुनावों से पहले, सत्तारूढ़ दल ने दिवाली और विभिन्न त्योहारों पर गरीबों को मिष्ठान्न का लुप्त उठा सके। साथ ही मतदाताओं को खुश करने के लिए ‘खुशियों का राशन’ नामक एक योजना शुरू की थी। लेकिन, अब ऐसी स्थिति पैदा हो गई है कि 2025 की दिवाली तक गरीबों को गेहूं भी नसीब नहीं हो रहा।
चूंकि सरकार ने दिवाली के मौके पर खुशियों का राशन नहीं बांटा, दूसरी ओर अंत्योदय राशन कार्ड धारक लाभार्थियों को गेहूं की रोटी भी नसीब नहीं हुई। गरीबों को दिवाली के मौके पर ज्वारी की रोटी खानी पड़ेगी। दिवाली जैसे महत्वपूर्ण त्योहार पर भी गरीबों को गेहूं नहीं मिला है। दिवाली मनाने के लिए गेहूं नहीं दिया जा रहा है, बल्कि राशन कार्ड धारकों को ज्वार दिया जा रहा है।
गेंहू मिलना मुश्किल
अब गरीब लोगों को दिवाली के मौके पर दो ग्रास गेहूं भी मिलना मुश्किल हो जाएगा। यह जनभावना राशन कार्ड धारकों और आम जनता के लाभार्थियों द्वारा व्यक्त की जा रही है कि आगामी नगर परिषद, नगर पंचायत, जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों में शासकों को सबक सिखाया जाएगा। क्या सरकार दिवाली तक गरीबों को राशन देगी? ऐसी ही उम्मीदें वे जता रहे हैं। गरीब लोग इसी दुविधा में हैं कि क्या दिवाली से पहले राशन मिलेगा या उन्हें ज्वार की रोटी खाकर दिवाली मनानी पड़ेगी।
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राशन में अब की जा रही शुद्ध ज्वार व चावल की आपूर्ति
गरीबों को ज्वार की रोटी खाकर अपनी दिवाली मनानी पड़ेगी। दिवाली पर भी, सरकार ने सूजी, दाल, चीनी, खाद्य तेल जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति किए बिना राशन कार्ड में शुद्ध ज्वार और चावल प्रदान किया है। इसलिए, गरीब लोगों को केवल ज्वार की रोटी खाकर दिवाली मनानी पड़ेगी। सरकार ने संवेदनशीलता की कमी का परिचय देकर गरीब लोगों का मजाक उड़ाया है। राशन कार्ड को लेकर ऐसी जनभावना पैदा की जा रही है।
