अगस्त में ही ओवरफ्लो हो गए जिले के 6 बांध, पीने के पानी की समस्या का हुआ समाधान
Yavatmal News: यवतमाल जिले में अगस्त के महीने में बांध ओवरफ्लो हो गए है। भारी बारिश के कारण जल संग्रह में वृद्धि हुई है, जिससे पीने के पानी का समस्या का हल हो गया है।
- Written By: प्रिया जैस
यवतमाल बांध (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Yavatmal News: यवतमाल जिले में लगातार हो रही बारिश मासिक औसत से ज़्यादा हो गई है। इस बारिश के कारण जलाशय में जल संग्रहण में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। इसके चलते अगस्त में ज़िले की छह परियोजनाएं ओवरफ़्लो हो गईं। वर्तमान में 75 परियोजनाओं में 77.66 प्रतिशत जल संग्रहण है, जिससे सिंचाई की चिंता तुरंत दूर हो गई है। जिले का वार्षिक औसत 923.80 मिमी है।
अब तक ज़िले में 657.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। इसमें से सबसे ज़्यादा 811.9 मिमी वर्षा रालेगांव तालुका में हुई। इसके अलावा अन्य तालुकाओं में भी वर्षा दर्ज की गई। जून और जुलाई की तुलना में अगस्त महीने में सबसे ज़्यादा वर्षा दर्ज की गई है। अगस्त महीने में ज़िले में बीते दो सप्ताह में भारी वर्षा हुई है। इससे नदी-नालों और नालों सहित जलाशय में पानी की बड़ी मात्रा बढ़ गई है और इस परियोजना से रबी की सिंचाई में मदद मिलेगी।
पेयजल की समस्या का हुआ समाधान
इसके अलावा, ग्रामीण स्तर पर पेयजल समस्या का समाधान हुआ है। लगातार बारिश के कारण कुछ इलाकों में स्थिति और बिगड़ गई है। हाल ही में हुई भारी बारिश और मूसलाधार बारिश के कारण जलाशय में जलस्तर बढ़ गया है, जिससे कई परियोजनाएं ओवरफ्लो हो रही हैं। इनमें से पूस परियोजना 100 प्रतिशत भर चुकी है, जबकि गोकी, वाघाडी, साईखेड़ा, बोरगांव और नवरगांव की मध्यम परियोजनाएं 100 प्रतिशत भर चुकी हैं।
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75 परियोजनाओं में जल भंडारण
जिले की तीन बड़ी परियोजनाओं में से, पुसद परियोजना 100 प्रतिशत भर चुकी है, जबकि अरुणावती परियोजना में 78.25 प्रतिशत और बेम्बला परियोजना में 47.72 प्रतिशत जल भंडारण है। इसके साथ ही, सात मध्यम परियोजनाओं में से पांच परियोजनाएं 100 प्रतिशत भर चुकी हैं। इसके साथ ही लोअर पूस परियोजना में 79.39 तथा अडाना परियोजना में 79.69 प्रतिशत जल संग्रहण है, जबकि 65 लघु परियोजनाओं में 79.13 प्रतिशत जल संग्रहण है, जिनमें से 75 परियोजनाओं में 77.66 प्रतिशत जल संग्रहण है।
