आज पानी बचाया, कल खेती बची: यवतमाल में ‘जलतारा’ योजना से भूजल बढ़ाने की मुहिम तेज
Yavatmal Jaltara Scheme: यवतमाल में भूजल बढ़ाने के लिए ‘जलतारा’ योजना शुरू। किसानों को सोख गड्ढे बनाकर बारिश का पानी जमीन में उतारने और खेती को सुरक्षित करने का आह्वान।
- Written By: अंकिता पटेल
यवतमाल जलतारा योजना,(प्रतिकात्मक तस्वीर सोर्स: सोशल मीडिया)
Yavatmal Groundwater Conservation: यवतमाल भूजल स्तर बढ़ाने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा ‘जलतारा’ अवधारणा पर आधारित मशीन से खेत सौख गड्डा योजना लागू की जा रही है। इस योजना के तहत किसानों को अपने खेत में सोख गड्डा (रिचार्ज पिट) बनाने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, “आज पानी बचाया तो ही कल खेती सुरक्षित रहेगी” इस संदेश के साथ किसानों से इस योजना का लाभ लेने का आवाहन किया गया है।
यह योजना केवल सरकारी पहल नहीं, बल्कि किसानों के लिए एक जीवनदायी उपाय मानी जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य बारिश के पानी को बहने से रोककर जमीन में समाहित करना है। बारिश का बड़ा हिस्सा बहकर व्यर्थ चला जाता है, जिससे कुएं सूखने लगे हैं और भूजल स्तर लगातार घट रहा है।
साथ ही, अधिक बारिश से मिट्टी का कटाव होता है और उसकी उर्वरता कम हो जाती है। इन समस्याओं का प्रभावी समाधान है पानी को रोकना और जमीन में समाहित करना है। योजना का लाभ यह योजना डीचीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) या ई-निविदा पद्धति से लागू की जाएगी।
सम्बंधित ख़बरें
Bullet Train से जुड़ेगा नासिक, बनेगा सुवर्ण त्रिकोण, जापान सरकार के सहयोग से मिलेगी प्रोजेक्ट को रफ्तार
उड़ता महाराष्ट्र नहीं! 25 जून से शुरू होगा ‘नशामुक्त महाराष्ट्र अभियान’, सरकार का एक्शन प्लान तैयार
‘चंदा दो या मंत्री पद छोड़ो!’ पार्थ पवार के अल्टीमेटम से NCP में हड़कंप, महाराष्ट्र में सियासी बवाल
ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के लिए सेना तैयार! आर्मी चीफ द्विवेदी की दोटूक, थिएटराइजेशन रिपोर्ट रक्षा मंत्री को सौंपी
“पहले आवेदन पहले प्राथमिकता” के सिद्धांत पर लाभदिया जाएगा। यदि बारिश का पानी नहीं रोका गया तो भविष्य में खेती के लिए पानी मिलना कठिन हो जाएगा, इसलिए हर किसान को अपने खेत में कम से कम एक सोख गड्ढा बनाना आवश्यक बताया गया है।
यह भी पढ़ें:-जल जीवन मिशन की रफ्तार थमी: 12 करोड़ की योजनाएं अधूरी, 8,500 घर अब भी नल कनेक्शन से वंचित
सोख गड्ढे के फायदे
सौख गड्ढों के माध्यम से जमीन में समाहित पानी कुओं और बोरवेल को सालभर जीवित रखता है, फसलो को पर्याप्त पानी मिलने से उत्पादन बढ़ता है। मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और उर्वरकों पर खर्च कम होता है। सूखे का असर घटता है और खेती अधिक सुरक्षित बनती है, वहीं अधिक बारिश के समय पानी जमा न होने से फसलों का नुकसान भी टलता है।
उपयोगी है योजना
राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई यह योजना किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी, इससे जमीन की उर्वरता बढ़ेगी और भूजल स्तर में भी सुधार होगा, किसानों को इस योजना का लाभ लेना चाहिए।”
-पालकमंत्री संजय राठोड
जलसंकट से निपटने में मदद
यह योजना किसानों के लिए लाभकारी है और जल संकट से निपटने में मददगार साबित होगी। सभी किसान इसका लाभ ले।”
-यवतमाल,जिलाधिकारी, विकास मीना
