
क्यों भड़की हिंसा नागपुर में हिंसा
नागपुर: जहां एक तरफ औरंगजेब की कब्र को हटाने के लिए एक संगठन द्वारा किए प्रदर्शन के दौरान एक धर्मग्रंथ जलाए जाने की अफवाह फैलने के बाद बीते नागपुर में सोमवार को हिंसा भड़क गई। इस दौरान किए गए पथराव में कई पुलिसकर्मियों समेत 9 लोग घायल हो गए। पुलिस ने महल क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में तलाशी अभियान के दौरान 50 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है।
हालांकि इससे पहले, नागपूर पुलिस ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) मुख्यालय वाले महल क्षेत्र में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। BURX महल के बाद हंसपुरी इलाके में भी उपद्रव की कुछ घटनाएं सामने आईं। यहां भी उपद्रवियों ने दुकानों में तोड़फोड़ और पथराव किया। साथ ही वाहनों में आग लगा दी।
#WATCH | Maharashtra: Visuals from the Mahal area of Nagpur, where a clash took place last night following a dispute between two groups. pic.twitter.com/N2GszenlwG — ANI (@ANI) March 18, 2025
देश की ख़बरों के लिए यहां क्लिक करें
घटना बीते सोमवार रात करीब 8।30 बजे हुई। 500-1000 लोगों की भीड़ ने जमकर पथराव किया। उन्होंने हमारी कार के अलावा करीब 25-30 वाहनों में तोड़फोड़ की। एक अन्य स्थानीय ने कहा कि उपद्रवी पत्थर लेकर इधर-उधर भाग रहे थे। उन्होंने हमारे घरों पर पत्थर फेंके, यहां तक कि बच्चों पर भी। उन्होंने हमारे दरवाजे और खिड़कियां तोड़ दीं।
जानकारी दें कि, नागपुर शहर के कई इलाकों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया है। वहीं आज नागपुर शहर के कोतवाली, गणेशपेठ, लकड़गंज, पचपावली, शांतिनगर, सक्करदरा, नंदनवन, इमामवाड़ा, यशोधरा नगर और कपिल नगर पुलिस थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाया गया है। वहीं नागपुर के पुलिस आयुक्त डॉ। रविंदर कुमार सिंगल ने बताया है कि, यह कर्फ्यू अगले आदेश तक लागू रहेगा। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, इस हिंसा में 20 से 22 पुलिसकर्मी घायल हैं। वहीं, 50 से अधीक उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है।
Nagpur, Maharashtra: After a curfew was imposed in Nagpur’s Mahal area, violence erupted in Mominpura, particularly in the Hansapuri Line. Security forces have been deployed to restore order pic.twitter.com/GMPoCAunbh — IANS (@ians_india) March 17, 2025
महाराष्ट्र की ख़बरों के लिए यहां क्लिक करें
मामले पर पुलिस की मानें तो, उपद्रव बीते सोमवार देर शाम उस समय अचानक शुरू हुआ, जब बजरंग दल के सदस्यों ने महल इलाके में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के पास प्रदर्शन किया। पुलिस के अनुसार इससे अफवाह फैली कि, आंदोलन के दौरान धर्मग्रंथ को जलाया गया है। बजरंग दल के प्रदर्शन के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुए, जिससे मुस्लिम समुदाय के लोग में आक्रोशीत हो गए।
वहीं गणेशपेठ थाने में शाम को कथित तौर पर धर्मग्रंथ जलाने के लिए शिकायत भी दर्ज हुई है। पुलिस ने बताया कि, शिकायत के बाद, बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग महल इलाके के अलग-अलग अचानक हिस्सों में इकट्ठा होने लगे। पुलिस ने संकट की आशंका को देखते हुए आज गश्त बढ़ा दी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को बुलाया गया है।






