वाशिम जिले में स्टॉप डायरिया अभियान शुरू, गांव-गांव होगी पानी की गुणवत्ता जांच

Washim Zilla Parishad : वाशिम जिले में स्टॉप डायरिया अभियान शुरू किया गया है। गांव-गांव पानी की गुणवत्ता जांच, जल स्रोतों की स्वच्छता, क्लोरीनेशन और जागरूकता के जरिए डायरिया रोकथाम पर जोर दिया जा रहा।
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Stop Diarrhea Campaign (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
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Washim Stop Diarrhea Campaign: बरसात के मौसम में, दूषित पानी, अस्वच्छता और निजी स्वच्छता के अभाव से अतिसारजन्य बीमारियों का खतरा बढने की संभावना रहती है। इस के चलते सभी गांवों में स्टॉप डायरिया अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान प्रभावी तरिके से चलाने आवाहन जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अर्पित चौहान ने किया है। इस बारे में, सीईओ चौहान ने स्वास्थ विभाग सभी विभाग प्रमुख और सभी गट विकास अधिकारी को निर्देश दिए हैं।

डायरिया एक जानलेवा बीमारी है। विशेष कर पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए, और इस बीमारी पर असरदार नियंत्रण स्वच्छ पीने का पानी, साबुन से हाथ धोने की आदत, जगह की स्वच्छता और सही स्वच्छताविषयक के तरीकों को अपनाकर किया जा सकता है, ऐसा इस अवसर पर उन्होंने बताया है।

वाशिम में डायरिया रोकथाम अभियान

इस अभियान के दौरान, गांवगांव पानी की गुणवत्ता निश्चित करने के लिए सभी सोर्स की नियमित जांच की जाएगी, विद्यार्थी और स्वंयंसेवको को फिल्ड टेस्ट किट के जरिए पानी जांच के प्रशिक्षण दिया जानेवाला है। ग्रामीण जलापूर्ति यंत्रणा की लीक दुरुस्ती, पानी के भंडार, टंकियो की स्वच्छता व निर्जंतुकीकरण और पिने के पानी के नियमित क्लोरिनीकरण करके नल व्दारा सप्लाई होनेवाले पानी में 0.2 पीपीएम मुक्त अवशिष्ट क्लोरोन रखने पर जोर दिया जा रहा है।

स्वच्छ पानी और स्वच्छता पर प्रशासन का जोर

इस बारे में जल जीवन मिशन के प्रकल्प संचालक गजानन खुले ने संबंधित कर्मचारियो की एक बैठक लेकर निर्देश दिए।कोटसुरक्षित पानी, स्वच्छता और अच्छी आदतों के ज़रिए डायरिया मुक्त व निरोगी वाशिम बनाने के लिए जल सुरक्षको को सूचित किया गया है। जल जीवन मिशन के प्रोजेक्ट डायरेक्टर गजानन खुले ने कहा कि साथ ही हरेक नागरिकों ने इस अभियान में सक्रिय हिस्सा लेना चाहिए। बचाव ही सबसे अच्छा उपाय होकर नागरिको के सहयोग से यह अभियान सफल होगा।

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