

Chhatrapati Sambhajinagar Water Supply: राज्य के कई शहरों में बांधों का जलस्तर घटने के कारण जलापूर्ति में कटौती की स्थिति बन गई है, लेकिन छत्रपति संभाजीनगर में नई जलापूर्ति योजना और तकनीकी उपायों के चलते हालात अपेक्षाकृत बेहतर बने हुए हैं। महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (एमजेपी) की ओर से किए गए विशेष प्रयासों के कारण महज तीन दिनों में शहर की वितरण व्यवस्था में 78 मिलियन लीटर (एमएल) अतिरिक्त पानी छोड़ा गया है, जिससे कई क्षेत्रों में जलापूर्ति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।
अधिकारियों के अनुसार 16 जून को 7 मिलियन लीटर, 17 जून को 31 मिलियन लीटर और 18 जून को 40 मिलियन लीटर अतिरिक्त पानी शहर के वितरण नेटवर्क में प्रवाहित किया गया। इस अतिरिक्त आपूर्ति से जलापूर्ति का दबाव बढ़ा है और कई इलाकों में पानी मिलने की अवधि में भी वृद्धि हुई है। गर्मी के अंतिम दौर में यह कदम नागरिकों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है।
बांध में जलस्तर लगातार कम होने के बावजूद जलापूर्ति योजना बनाए रखने के लिए विशेष तकनीकों का सहारा लिया जा रहा है। सायफन प्रणाली, सबमर्सिबल पंप और वैक्यूम पंपों के उपयोग से प्रतिदिन लगभग 90 मिलियन लीटर पानी उद्भव कुएं तक पहुंचाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध जल स्रोतों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए सभी तकनीकी संसाधनों का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया जा रहा है।
अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के बाद छत्रपति संभाजीनगर शहर के कई हिस्सों में जलापूर्ति की स्थिति पहले की तुलना में बेहतर हुई है। जिन क्षेत्रों में पानी का दबाव कम था, वहां अब आपूर्ति में सुधार दर्ज किया गया है। इससे नागरिकों को पानी के लिए होने वाली परेशानी में कुछ हद तक कमी आई है।
फिलहाल अतिरिक्त पानी सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक वितरण नेटवर्क में छोड़ा जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक प्रस्तावित जलकुंभ (ईएसआर) और वितरण प्रणाली से जुड़े शेष कार्य पूर्ण होने के बाद इस अतिरिक्त पानी को 24 घंटे तक नेटवर्क में बनाए रखना संभव होगा। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर इसका संग्रहण भी किया जा सकेगा। इससे आने वाले समय में शहर की जलापूर्ति व्यवस्था और अधिक मजबूत तथा स्थायी बनने की उम्मीद जताई जा रही है।