वाशिम में चौथा मुंगसाजी माऊली सम्मेलन: पालकी यात्रा, भजन और प्रवचनों से भक्तिमय माहौल

Washim Religious Event: वाशिम में चौथा मुंगसाजी माऊली सम्मेलन श्रद्धा और भक्ति के माहौल में संपन्न हुआ। पालकी यात्रा, प्रवचन, भजन प्रतियोगिता और महाप्रसाद में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
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Mungsaji Mauli Sammelan (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
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Washim Mungsaji Mauli Sammelan: मुंगसाजी माऊली के आशीर्वाद तथा वैराग्यमूर्ति सांभा महाराज जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित चौथा मुंगसाजी माऊली सम्मेलन वाशिम के अकोला नाका स्थित काले लॉन में श्रद्धा, भक्ति और उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ।

मुंगसाजी माऊली उत्सव समिति, यवतमाल तथा वैराग्यमूर्ति सांभा महाराज बहुउद्देशीय सामाजिक संस्था, यवतमाल के तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आयोजन को सफल बनाने में अतुल राठोड, ललिता राठोड और उनकी मित्र मंडली की महत्वपूर्ण भूमिका रही। यह जानकारी माऊली सेवा समिति, कारंजा के संस्थापक विश्वस्त एवं समाज प्रबोधनकार संजय कडोले ने दी।

पालकी यात्रा के साथ हुआ सम्मेलन का शुभारंभ

सम्मेलन का शुभारंभ पालकी यात्रा के साथ हुआ। इससे पूर्व मुंगसाजी माऊली की पादुकाओं एवं पालकी का विधिवत पूजन-अर्चन कर भव्य पालकी यात्रा निकाली गई। यात्रा के दौरान रामेश्वर पंचांगे एवं अर्चना पंचांगे ने श्रद्धापूर्वक पालकी का स्वागत और पूजन किया। काले लॉन से मुंगसाजी मंदिर, काटा रोड तक निकली पालकी यात्रा का मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा और आरती के साथ स्वागत किया. मंदिर दर्शन के बाद सम्मेलन का शुभारंभ हुआ।

हजारों श्रद्धालुओं ने लिया महाप्रसाद का लाभ

इस अवसर पर मुंगसाजी देव के सान्निध्य में रहे भक्तों ने अपने आध्यात्मिक अनुभव साझा किए तथा माऊली से जुड़ी दुर्लभ वस्तुओं एवं साहित्य के दर्शन भी श्रद्धालुओं को कराए गए। श्री पुंडलिक देव, संत श्री घोगले बाबा, वैराग्यमूर्ति सांभा बाबा, श्री मारोती महाराज, संत राधोजी महाराज, श्रीराम महाराज तथा कोंगसाजी महाराज के वंशजों का सम्मान भी किया गया। संजय कडोले ने वाशिम में पहली बार आयोजित सम्मेलन के लिए आयोजकों का आभार व्यक्त किया। इसके बाद प्रवचन, कीर्तन और रात्रि आरती का आयोजन हुआ।

भजन प्रतियोगिता में प्रतिभाओं का हुआ सम्मान

दूसरे दिन आरती, हरिपाठ, भजन सम्मेलन प्रतियोगिता और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। भारती सोमाणी, मुंगसाजी मंदिर कारंजा के राजेंद्र पावडे, आयोजन समिति के संजय कडोले सहित अनेक माऊली भक्तों का शाल, श्रीफल, पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया। भजन प्रतियोगिता में पुरुष वर्ग के प्रथम विजेता को 11,001 रु., द्वितीय को 7,001 रु., तृतीय को 5,001 रु. तथा चतुर्थ, पंचम और षष्ठम स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को 2,001-2,001 रुपये पुरस्कार दिए गए। महिला वर्ग में प्रथम पुरस्कार 7,001 रु., द्वितीय 4,001 रु., तृतीय 3,001 रु., चतुर्थ एवं पंचम को 2,501-2,501 रु. तथा षष्ठम को 2,001 रु. प्रदान किए गए। उत्कृष्ट बाल गायक एवं बाल गायिका को 1,001 रु. का विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया. साथ ही विभिन्न प्रोत्साहन पुरस्कार भी वितरित किए गए।

भक्तों के सहयोग से सफल हुआ आयोजन

सम्मेलन के सफल आयोजन में भांदुर्गे, लोखंडे, बोके, नितिन विटकर, सुरेश पाटिल, पोटे गुरुजी, संजय कडोले, रुपेश गढवाले, राजेंद्र पावडे, भीमराव बरडे, संतोष घाटगे, परमेश्वर तुरक, योगेश्वर श्यामसुंदर, सुरेश ठाकरे, महादेव धोटे, मंगेश भेंडे, दिलीप तायडे, गणेश बाजड, पद्माकर कडू, लोमेश चौधरी, रामबकस डेंडूले सहित सैकड़ों माऊली भक्तों ने सक्रिय योगदान दिया। दो दिवसीय सम्मेलन का समापन महाप्रसाद के साथ हुआ। पूरे आयोजन में भक्ति, सेवा और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम देखने को मिला।

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