Washim News: महाराष्ट्र संशोधन, उन्नती व प्रशिक्षण प्रबोधिनी अमृत इस महाराष्ट्र सरकार के स्वायत्त संस्था के जरिए जिले के लक्षित गटो का सर्वेक्षण करने के लिए अमृत परिवार सर्वेक्षण अभियान 8 अप्रैल 2026 से 25 अप्रैल 2026 इस कालावधि के लिए शुरू हो गया है।
यह सर्वेक्षण राज्य के सभी 36 जिलों में एक साथ किया जाएगा। अमृत संस्था ओपन प्रवर्ग के ऐसे आर्थिकदृष्टि से कमजोर लोगो के लिए काम करता है, जिन्हे अभी किसी भी स्वतंत्र शासकीय विभाग, संस्था अथवा महामंडल के जरिए योजना का लाभ नहीं मिलता है। इन घटको के युवकयुवती और अन्य उम्मीदवारों के सर्वांगीण विकास के लिए विविध प्रशिक्षण व विकासात्मक कार्यक्रम चलाना यह संस्था का उद्देश रखा गया है।
अभी अमृत के लक्षित गटो में ब्राह्मण, सिंधी, हिंदू मारवाडी, गुजराती, पटेल, राजपूत, राजपुरोहित, हिंदू नेपाली, बनिया, कम्मा, कायस्थ, अय्यंगार, नायर, नायडू, पाटीदार, बंगाली, भूमिहार, येलमार, ठाकुर, त्यागी, सेनगूनथर, जाट, कानबी, कोमटी/वैश्य ऐसे करबी 25 जातियां शामिल होकर सर्वे के बाद यह सूची बढ़ने की उम्मीद है।
योजना की जानकारी ज्यादा से ज्यादा परिवारों तक पहुंचेइस सर्वेक्षण का मुख्य उद्येश्य लक्षित गटो के परिवार की सही संख्या पता लगाना, उनकी उम्मीदें जानना, स्थानिक संसाधने व कौशल्य का अध्ययण करना और उनकी पसंद के हिसाब से योजना तैयार करना है। साथ ही, अमृत संस्था की मौजूदा योजना की जानकारी ज़्यादा से ज़्यादा परिवारों तक पहुंचाने और आगे की पहल के लिए अभिप्राय जमा करना यह दोहरा मकसद भी पूरा होगा।
लक्षित गटो के परिवारों, संस्था, संगठनो व मंडलो ने इस कालावधि में अमृत के जिला व्यवस्थापक अथवा विभागीय प्रतिनिधि से संपर्क बनाकर अपने परिवारों की अथवा संस्था का रजिस्टर करें, और उपलब्ध योजना के बारे में जानकारी लेंने का आवाहन किया गया है। वाशिम समाचार, अनिल वाल्ले।