एटापल्ली: पंचायत समिति का सरकारी पेट्रोल पंप बना सफेद हाथी, ईंधन की किल्लत से नागरिक त्रस्त, जांच की मांग
एटापल्ली में सरकारी पेट्रोल पंप पर डीजल और पेट्रोल की कमी से नागरिक परेशान, आंदोलन की चेतावनी।
Gadchiroli Petrol Pump News: गड़चिरोली जिले के अंतिम छोर पर स्थित एटापल्ली तहसील मुख्यालय में पंचायत समिति द्वारा संचालित सरकारी पेट्रोल पंप पर लगातार पेट्रोल और डीजल की किल्लत से नागरिकों में भारी आक्रोश है। हालात यह हैं कि यह पेट्रोल पंप अक्सर बंद रहता है, जिससे एटापल्ली शहर सहित पूरे तहसील क्षेत्र के लोगों को ईंधन के लिए भटकना पड़ रहा है।
एटापल्ली तहसील मुख्यालय में कुल दो पेट्रोल पंप हैं, जिनमें से एक कसनसूर मार्ग पर पंचायत समिति परिसर में संचालित सरकारी पेट्रोल पंप है। यह पंप पंचायत समिति के माध्यम से चलाया जाता है, लेकिन यहां नियमित रूप से ईंधन की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। लंबे समय तक बंद रहने और बार-बार किल्लत की स्थिति के कारण नागरिकों को निजी पेट्रोल पंपों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जहां एक ओर निजी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल और डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, वहीं सरकारी पेट्रोल पंप पर लगातार कमी बने रहना संदेह को जन्म देता है। इससे पंचायत समिति की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। नागरिकों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
सम्बंधित ख़बरें
शिंदे सेना में बगावत की आहट: निधि वितरण को लेकर असंतोष, क्या भाजपा की ओर बढ़ रहे शिंदे के सिपाही?
शकुंतला रेलवे ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट को मिली रफ्तार, डीपीआर रेलवे बोर्ड को सौंपा गया
अमरावती शहर लाईफ लाईन के रात को रूक सकते है पहिए! नींद से जागी मनपा, होगी बैठक
NEET पेपर लीक पर बच्चू कडू का बड़ा बयान, दोषियों को कठोर सजा की मांग
आंदोलन की चेतावनी
इस मुद्दे पर भाकपा के स्थानीय नेता सूरज जक्कुलवार ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पंचायत समिति के पेट्रोल पंप पर लगातार ईंधन की किल्लत से आम नागरिक परेशान हैं। उन्होंने मांग की कि संबंधित अधिकारी तुरंत पेट्रोल और डीजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करें तथा ईंधन उपलब्ध न होने के कारणों को लिखित रूप में स्पष्ट करें। अन्यथा, नागरिकों के साथ मिलकर तीव्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।
लगातार बिगड़ती स्थिति को देखते हुए अब प्रशासन के सामने इस समस्या के त्वरित समाधान की चुनौती खड़ी हो गई है।
