पैदल वारी में शामिल भक्तगण (फोटो नवभारत)
Shikhar Shingnapur paldal Wari: आस्था और परंपरा का संगम कहे जाने वाली ‘श्री क्षेत्र शिखर शिंगणापुर पैदल वारी’ का इस वर्ष भी उत्साहपूर्वक आगाज़ हो गया है। जय भोले काठी मंडल, तोरणाला द्वारा आयोजित यह वार्षिक पैदल यात्रा 16 मार्च को अपने गंतव्य के लिए रवाना हुई। जैसे ही यह वारी वाशिम शहर की सीमा में प्रविष्ट हुई, स्थानीय नागरिकों और भक्तों ने फूल-मालाओं और आरती के साथ पालकी का भावपूर्ण स्वागत किया।
वाशिम के लाखाला क्षेत्र और जानकी नगर सहित विभिन्न चौराहों पर वारी का स्वागत करने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। लाखाला में डॉ. मदन निरगुडे, डॉ. विनोद निरगुडे, और डॉ. एकनाथ धमाने के परिवारों सहित नगरसेवक गल्ला वानखेड़े और प्रवीण मोहाडे ने भक्तों का सत्कार किया। सामाजिक कार्यकर्ता नीलेश सोमानी और उनके परिवार ने जानकी नगर में काठी की विशेष पूजा और आरती संपन्न की। इस दौरान श्री भोले काठी मंडल की ओर से सोमानी दंपत्ति को सम्मानित भी किया गया।
यह पैदल यात्रा 16 मार्च से शुरू होकर 29 मार्च तक चलेगी। श्रद्धालुओं का यह जत्था तोरणाला से शुरू होकर वाशिम, माहेरखेडा, सेनगाव, बीड, करमाला और नातेपुते जैसे दर्जनों गांवों से होते हुए शिखर शिंगणापुर पहुंचेगा। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के रहने और भोजन की सुव्यवस्थित व्यवस्था मंडल द्वारा की गई है। रास्ते में पड़ने वाले हर पड़ाव पर स्थानीय ग्रामीण भी सेवा के लिए आगे आ रहे हैं।
यह वारी मुख्य रूप से तोरणाला, सेनगाव कुर्हाडी, ब्रह्मवाकडी, शहापुर, बीड, अंजनवती, करमाला, निमगांवकेतकी, नातेपुते, खंडाला खुर्द, और येलदरी कैम्प जैसे क्षेत्रों से होकर शिखर शिंगणापुर मंदिर में विश्राम करेगी। इस लंबी यात्रा में युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक का उत्साह देखते ही बन रहा है।