लघु सिंचाई प्रकल्प व बैरेजेस समस्या: विधायक मलिक की राज्यपाल से भेंट
- Written By: नवभारत डेस्क
वाशिम. स्थानीय एकबुर्जी उप सिंचाई योजना के साथ अन्य प्रकल्प का पानी उपलब्ध कराके देने के साथ ही राज्यपाल ने मंजूरी दी अडाण नदी पर के घोटा, शिवणी बैरेज, बोरव्हा बैरेज और सत्तर सावंगा बैरेजेस को सरकार से सुधारित प्रशासकीय मंजूरी मिलने के संदर्भ में विधायक लखन मलिक ने राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी से भेंट की. इस अवसर पर उनको लघु सिंचाई के विविध प्रकल्प व बैरेजेस की समस्या हल करने के लिए निवेदन दिया. इस अवसर पर उनके साथ भाजपा जिला उपाध्यक्ष धनंजय हेंद्रे, जि.प. के पूर्व सदस्य नितेश मलिक, स्वीय सहायक योगेश देशपांडे आदि उपस्थित थे.
निवेदन में वाशिम-मंगरुलपीर निर्वाचन क्षेत्र सिंचाई में पिछड़ा हुआ है़ इस सिंचाई का अनुषेश दूर करने की दृष्टि से अडाण नदी पर के घोटा शिवणी बैरेज, बोरव्हा बैरेज और सत्तर सावंगा बैरेज प्रस्तावित किए गए है़ इन प्रकल्पों को वर्ष 2008-09 में प्रशासकीय मंजूरी प्रदान की गई थी़ लेकिन विभाग अंतर्गत कुछ कारणों से प्रकल्प का काम शुरू नहीं हो सका़ प्रस्तावित तीनों बैरेजेस को मार्च 2020 में तत्वतः मंजूरी प्रदान की जाकर भी अभी तक किसी भी प्रकार की मंजूरी सरकार व्दारा प्राप्त नहीं हुई़ जिले की तुलना में अन्य जिले विकसित होकर भी उनके और विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है़
इसलिए इन प्रकल्पों की मंजूरी के लिए सरकार व संबंधित प्रणाली को निर्देशित करने की आवश्यकता है. इस के साथ ही वाशिम शहर को जलापूर्ति करने वाले एकबुर्जी मध्यम प्रकल्प किसानों को सिंचाई के लिए निर्माण किया गया था़ लेकिन वर्तमान स्थिति में यह प्रकल्प में के 7 दशलक्ष घनमीटर पानी वाशिम शहर को पीने के लिए दिया जा रहा है़ जिससे अभी इस प्रकल्प पर आधारित सिंचाई बंद है. और इसी प्रकार से वाशिम शहर की जनसंख्या लगातार बढ़ रही है़
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जिससे पानी की बड़े प्रमाण में आवश्यकता निर्माण हो गई है़ व वाशिम औद्योगिक क्षेत्र को पानी नहीं रहने से उद्योगों की वृध्दि नहीं हो रही है़. एकबुर्जी प्रकल्प अंतर्गत पिछले काल में किसानों का बड़े प्रमाण में सिंचाई होता था़ एकबुर्जी प्रकल्प से वाशिम के औद्योगिक क्षेत्र के लिए भी पानी दिया गया था़ वाशिम शहर के लिए आवश्यक रहनेवाली जलापूर्ति भी इसी प्रकल्प से होती है़ लेकिन यह पानी मराठवाड़ा के हिंगोली व अन्य जिले के लिए उपयोग में लाया जाने से इस वाशिम जिले पर एक प्रकार से अन्याय हो रहा है़ वाशिम जिला यह आकांक्षी जिला होने पर भी सरकार की इस ओर अनदेखी हो रही है.
एकबुर्जी प्रकल्प की उंचाई बढ़ाकर प्रकल्प के लिए 20 दशलक्ष घनमीटर पानी उपलब्ध कराने पर उपरोक्त सभी समस्या का समाधान हो सकेगा़ इसलिए इस प्रकल्प की उंचाई बढ़ाकर जलभंडार बढ़ाने के लिए भूसंपादन व अन्य के लिए 150 करोड़ रुपयों का खर्च अपेक्षित है़ अतिरिक्त लगनेवाले 70 हे.आर.जमीन में से 35 हे. आर जमीन शासकीय ई क्लास जमीन है़ इसलिए इस बातो का विचार करने पर योजना आर्थिक दृष्टि से किफायतशीर ठहरने से इस प्रकल्प को पानी उपलब्ध कराने के लिए सरकार को निर्देशित करने की मांग विधायक मलिक ने राज्यपाल से की है़
