वर्धा के येलाकेली चेक डैम में गाद जमा होने से जल भंडारण क्षमता प्रभावित; नागरिकों ने की गादमुक्त करने की मांग
Wardha Water Crisis: वर्धा के येलाकेली चेक डैम में भारी गाद जमा होने से जल भंडारण क्षमता घटी। वैद्यकीय जन-जागृति मंच ने संभावित जल संकट से बचने के लिए तुरंत गाद निकालने की मांग की।
- Written By: रूपम सिंह
येलाकेली चेक डैम (सोर्सः फाइल फोटो/ नवभारत)
Wardha Yelakeli Check Dam Water Crisis: वर्धा शहर एवं आसपास की 11 ग्राम पंचायतों को जलापूर्ति करने वाले महत्वपूर्ण येलाकेली चेक डैम में बड़ी मात्रा में गाद जमा होने से जल भंडारण क्षमता प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। इसे लेकर वैद्यकीय जन-जागृति मंच, वर्धा तथा जिले के जागरूक नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल गाद निकालने की मांग की है।
मंच की ओर से दिए गए निवेदन में कहा गया है कि येलाकेली चेक डैम के जलसंग्रहण क्षेत्र में बड़ी मात्रा में गाद जमा हो गई है, जिससे पानी संग्रहित करने की क्षमता काफी कम हो गई है। परिणामस्वरूप महाकाली बांध से आने वाला बहुमूल्य पानी पर्याप्त मात्रा में संग्रहित न होकर आगे बह जाता है, जिससे चेक डैम का मूल उद्देश्य प्रभावित हो रहा है। वैद्यकीय जन-जागृति मंच के सचिव सचिन पावडे ने बताया कि वर्तमान में महाकाली बांध में उपलब्ध जलसंग्रह भी सीमित बताया जा
रहा है, वहीं मानसून के आगमन में हो रही देरी चिंता का विषय है। ऐसे समय में उपलब्ध पानी की प्रत्येक बूंद का संरक्षण आवश्यक है, लेकिन गाद के कारण बड़ी मात्रा में पानी व्यर्थ बह रहा है। उन्होंने कहा कि येलाकेली चेक डैम वर्धा शहर सहित 11 ग्राम पंचायतों की पेयजल व्यवस्था का महत्त्वपूर्ण आधार है।
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यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो आगामी दिनों में गंभीर जलसंकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। निवेदन में कहा गया है कि जलसंकट उत्पन्न होने के बाद उपाय करने की बजाय अभी से जल संरक्षण और भंडारण क्षमता बढ़ाने पर ध्यान देना समय की आवश्यकता है। इसलिए येलाकेली चेक डैम को शीघ्र गादमुक्त कर उसकी मूल जलसंग्रहण क्षमता बहाल करने की मांग की गई है।
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प्रभावी जल प्रबंधन योजना तैयार की जाए
येलाकेली चेक डैम का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए। जमा गाद का सर्वेक्षण कर युद्धस्तर पर गाद निकालने का कार्य शुरू किया जाए। महाकाली बांध एवं येलाकेली चेक डैम में उपलब्ध जलसंग्रह का पुनर्मूल्यांकन कर प्रभावी जल प्रबंधन योजना तैयार की जाए। संभावित जलसंकट को टालने के लिए आवश्यक सभी निवारक उपाय तत्काल लागू किए जाएं, ऐसी मांग नागरिकों और मंच की ओर से प्रशासन से की गई हैं।
