देश में हर दसवें व्यक्ति को मधुमेह, डायबिटीज डे पर आशिष साहू ने किया मार्गदर्शन

World Diabetes Day: वर्धा में वर्ल्ड डायबिटीज डे पर आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने युवाओं में बढ़ते डायबिटीज, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर मार्गदर्शन दिया।
देश में हर दसवें व्यक्ति को मधुमेह
देश में हर दसवें व्यक्ति को मधुमेह (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Wardha News: मोटापा और स्थिर जीवनशैली डायबिटीज (मधुमेह) जैसी गंभीर बीमारी को बढ़ावा देती हैं। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे भविष्य में इस बीमारी से बचने के लिए अभी से ही अपनी सेहत का ध्यान रखें। भारत में हर दसवें व्यक्ति को डायबिटीज का सामना करना पड़ रहा है। इस रोग की चिंताजनक बात यह है कि केवल वयस्क पुरुष और महिलाएं ही नहीं, बल्कि 0 से 21 वर्ष तक के किशोरों में भी डायबिटीज तेजी से बढ़ रहा है। यह बातें बालरोग विशेषज्ञ डॉ. आशिष साहू ने वर्धा के इंद्रप्रस्थ न्यू आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस कॉलेज के गृह अर्थशास्त्र विभाग और फूड न्यूट्रिशन क्लब द्वारा आयोजित ‘वर्ल्ड डायबिटीज डे’ कार्यक्रम के दौरान कही।

कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में महिला विकास संस्था के सचिव डॉ. अभिजीत वेरूलकर, फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विनीत इंदूरवाडे, कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशिष ससनकर और डॉ. वैभवी उघड़े उपस्थित थे। डॉ. साहू ने आगे कहा कि आजकल टाइप-2 डायबिटीज युवाओं में बढ़ रही है, इसलिए अपनी सेहत का ख्याल रखना अत्यंत आवश्यक है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, योग और तनाव नियंत्रण इसके लिए बेहद जरूरी हैं।

विद्यार्थियों में स्वास्थ्य जागरूकता

कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. आशिष ससनकर ने कहा कि हमारा भोजन केवल पेट भरने के लिए नहीं होना चाहिए, बल्कि यह भी सुनिश्चित होना चाहिए कि हमारा आहार पोषक तत्वों से भरपूर हो, क्योंकि असंतुलित आहार ही डायबिटीज का मुख्य कारण है। गृह अर्थशास्त्र विभाग प्रमुख प्रा. कांचन भोयर ने कहा कि बैठी हुई जीवनशैली के कारण किशोरों में डायबिटीज के बढ़ते प्रतिशत को देखकर जागरूकता फैलाने की आवश्यकता महसूस होती है। वर्ल्ड डायबिटीज डे के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना था।

उत्तम आहार और नियमित व्यायाम

उन्होंने आगे बताया कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का सही संतुलन सकारात्मक सामाजिक व्यवहार बनाने में सहायक होता है, इसलिए स्वास्थ्यपूर्ण जीवनशैली अपनाना बेहद जरूरी है। महिला विकास संस्था के सचिव डॉ. अभिजीत वेरूलकर ने कहा कि डायबिटीज जैसी खतरनाक बीमारी को रोकने के लिए ‘उत्तम आहार और नियमित व्यायाम’ ही सर्वोत्तम उपाय हैं। कार्यक्रम का संचालन प्रा. आश्लेषा तोवर ने किया और आभार प्रा. प्राजक्ता गावंडे ने व्यक्त किया।

पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन

वर्ल्ड डायबिटीज डे पर कॉलेज में डायबिटीज और पोषणयुक्त आहार से संबंधित जागरूकता पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई। गृह अर्थशास्त्र विभाग द्वारा विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए डायबिटीज टेस्ट की भी व्यवस्था की गई। विद्यार्थियों ने मधुमेह और स्वस्थ आहार पर आधारित ज्ञानवर्धक पोस्टर प्रदर्शनी का सफल आयोजन किया।

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