Wardha News: महिलाओं को बिजनेस के लिए मिलेगा लोन, महिला स्वयं-सिद्धि ब्याज प्रतिपूर्ति योजना का लाभ
इतर मागास प्रवर्ग (ओबीसी) की गरीब, परित्यक्ता और प्रगतिशील महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा महिला स्वयं-सिद्धि ब्याज प्रतिपूर्ति योजना चलाई जा रही है।
- Written By: प्रिया जैस
वर्धा न्यूज
Wardha News: महिला स्वयं-सिद्धि ब्याज प्रतिपूर्ति योजना के अंतर्गत महिलाओं को विभिन्न प्रकार के उद्योगों के लिए ₹10 लाख तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिस पर 12% तक ब्याज की प्रतिपूर्ति की जाती है। यह योजना महिला आर्थिक विकास महामंडल के लोकसंचालित साधन केंद्र के माध्यम से कार्यान्वित की जाती है।
पात्र महिलाएं यदि महिला बचत गुट की सदस्य हैं और ओबीसी वर्ग से संबंधित हैं, तो उन्हें ओबीसी महामंडल के माध्यम से इस योजना का लाभ दिया जाता है। बचत गुट की अन्य महिलाएं भी राज्य सरकार व अन्य महामंडलों की योजनाओं के माध्यम से लाभ प्राप्त कर सकती हैं।
कर्ज की राशि
पहले चरण में ₹5 लाख तक का बैंक ऋण, यह कर्ज नियमित रूप से चुकाने पर दूसरे चरण में ₹10 लाख तक का ऋण मिल सकता है। ब्याज प्रतिपूर्ति: नियमित रूप से कर्ज चुकाने वाली महिला बचत गुट को अधिकतम 12% तक ब्याज प्रतिपूर्ति दी जाती है। जिसमें लाभार्थी पात्रता यह महाराष्ट्र की निवासी महिला होनी चाहिए, OBC वर्ग से संबंधित होनी चाहिए, आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
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ऐसे करें आवेदन
इच्छुक महिला लाभार्थी को अपने जाति प्रमाणपत्र में दर्शाई गई जाति के अनुसार संबंधित महामंडल की ऑनलाइन योजना के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए [www.msobc.org](http://www.msobc.org) वेबसाइट पर जाकर योजना का चयन कर ऑनलाइन आवेदन करना आवश्यक है।
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इन व्यवसायों का समावेश
कुक्कुट पालन, दुग्ध व्यवसाय, मत्स्य पालन, कृषि क्लिनिक, एल्युमिनियम फैब्रिकेशन, ऑटो स्पेयर पार्ट्स, किताबों की दुकान, फल और सब्जी की दुकान, जनरल स्टोर, हार्डवेयर व पेंट की दुकान, लकड़ी की वस्तुएं बनाना, ईंट भट्टी, टेलरिंग यूनिट, वास्तु विशेषज्ञ, ग्लास और फोटो फ्रेम सेंटर, कपड़े की दुकान, क्लिनिक, इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी, होटल व्यवसाय, दवा दुकान आदि सहित कोई भी वैध व्यवसाय इस योजना के अंतर्गत किया जा सकता है।
