वर्धा में 47°C गर्मी से जल संकट गहराया: 11 से एक बड़ा प्रकल्प सूखा, छोटे बांधों में 26% पानी, प्रशासन अलर्ट

Wardha Water Crisis: वर्धा में तापमान 47 डिग्री पहुंचने से मदन उन्नई बांध पूरी तरह सूख गया है। धाम प्रकल्प में भी केवल 42% पानी बचा है, जिससे जून में भीषण जलसंकट की आशंका है।
With Wardha recording a high of 47°C, the Madan Unnai dam has completely dried up, leaving other major water projects in the district with critical water levels.
वर्धा जल संकट (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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Dham Project Wardha Water Crisis: अप्रैल के अंतिम दिनों में व मई माह में जिले के तापमान में निरंतर वृध्दि देखने मिल रही है। स्थिति यह है कि वर्धा में अब तक का सर्वाधिक 47 डिग्री रिकॉर्ड तापमान दर्ज हो चुका है। यहीं कारण है कि अब जिले के जलाशयो ने भी जवाब देना शुरू कर दिया है. बढ़ते तापमान के कारण जलाशयों का जलस्तर तेजी से कम हो रहा है। वर्तमान में जिले के 11 बड़े व मध्यम प्रकल्पों में से मदन उन्नई डैम पुर्णतः सुख गया है। वहीं शेष दस प्रकल्पों में 44.13 प्रतिशत जल भंडारण है।

इसके अलावा जिले के 21 छोटे प्रकल्पों में केवल 26 प्रतिशत जल शेष बचा है। इनमें से 11 प्रकल्प मई के अंत तक पूर्णतः सूखने की कगार पर है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो, जून के शुरुआती दिनों में अधिकांश जलाशयों में जल नहीं के बराबर रहने की आशंका है। स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने जलापूर्ति व अन्य बातों के लिए पानी का उचित नियोजन करना जरूरी हो गया है। अन्यथा आगामी दिनों में भीषण जल किल्लत का सामना नागरिकों को करना पड़ सकता है।

धाम प्रकल्प में केवल 42 प्रश जलभंडार

उल्लेखनीय यह कि महाकाली स्थित धाम प्रकल्प से वर्धा शहर सहित आसपास के 14 गांवों में जलापूर्ति होती है. ग्रामीण क्षेत्र में जलापूर्ति की जिम्मेदारी मजीप्रा पर है तो, शहरी क्षेत्र के नगर पालिका नियोजन तय करती है। वर्तमान में दो दिन बाद नल छोड़े जा रहे है। धाम प्रकल्प में अब केवल 42 प्रश जल शेष है। ऐसे में जून के पहले सप्ताह तक जलापूर्ति में कटौती होने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

छोटे प्रकल्पों में 26 प्रश ही जल

वर्धा जिले में बड़े व मध्यम 11 तथा छोटे 21 प्रकल्प हैं. वर्तमान स्थिति में छोटे का जलस्तर बढ़ती तपन के कारण तेजी से कम हो रहा है. अब तो स्थिति यह बनी है कि इसमें 11 प्रकल्प सूखने की कगार पर हैं। छोटे प्रकल्पों में केवल 26 प्रश ही जलभंडार है।

इनमें से कवाडी में 18.27 प्रश, सावंगी 13.21 प्रश, लहादेवी 12.93 प्रश, पारगोठाण 18.42 प्रश, अंबाझरी 9.45 प्रश, पांजरा बोथली 24.27 प्रश, उमरी 23.92 प्रश, टेंभरी 35.35 प्रश, आंजी बोरखेडी 45.13 प्रश, दहेगांव गोंडी 45.40 प्रश, कुर्हा 25.42 प्रश, रोठा-1 में 18.43 प्रश, रोठा-2 में 29.90 प्रश, आष्टी 53.82 प्रश, पिलापुर 23.63 प्रश, कन्नमवारग्राम 27.59 प्रश, परसोडी 34.47 प्रश, हराशी 13.24 प्रश, मलकापुर 31.84 प्रश, टाकली बोरखेडी 17.66 प्रश, शिरुड प्रकल्प में 23.46 प्रश जल है।

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