Wardha Urban Bank Scam: महिला के 35 लाख रु. की कथित धोखाधड़ी, बैंक के पूर्व मैनेजर के खिलाफ मामला दर्ज
Bank Fraud Case: वर्धा अर्बन बैंक में तत्कालीन प्रबंधक प्रवीण बोरकर के खिलाफ एक महिला से 35 लाख रुपये की धोखाधड़ी और लॉकर से जेवर गायब करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
- Written By: केतकी मोडक
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया)
Wardha Bank Locker Jewellery Scam: वर्धा शहर के कच्छी लाइन स्थित वर्धा अर्बन एंड रूरल को-ऑपरेटिव बैंक में सामने आए कथित हेराफेरी प्रकरण में आखिरकार शहर पुलिस ने बैंक के तत्कालीन प्रबंधक प्रवीण बोरकर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उन पर एक महिला के साथ लगभग 35 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। आरोपी के खिलाफ अन्य शिकायतें भी दर्ज होने की जानकारी सामने आ रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्धा शहर के बढ़े चौक निवासी संगीता श्रीकांत बढ़े (52) के आरोपी प्रवीण मनोहर बोरकर के साथ पारिवारिक संबंध थे। वर्ष 2011 में संगीता ने अपनी एक दुकान का ब्लॉक बेचा था, जिसकी राशि उनके पास थी। वर्ष 2013 में प्रवीण बोरकर ने उन्हें बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) कराने की सलाह दी। उस पर विश्वास करते हुए संगीता बढ़े ने अपने दोनों बच्चों के नाम पर 5-5 लाख रुपये तथा अपने नाम पर 10 लाख रुपये की एफडी कराई थी। इस प्रकार कुल 20 लाख रुपये की एफडी बैंक में जमा की गई थी।
बताया गया है कि बोरकर के कहने पर महिला ने अपने सोने के आभूषण भी बैंक के लॉकर में रखे थे। इनमें चार तोले का सोने का हार, साढ़े चार तोले का सुदर्शन हार तथा दो तोले की सोने की चेन सहित लगभग 15 लाख रुपये मूल्य के आभूषण शामिल थे। महिला का आरोप है कि बोरकर हर वर्ष संबंधित दस्तावेज दिखाता था, जिससे परिवार का उस पर विश्वास बना रहा।
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फर्जीवाडा कर विड्रॉल की एफड
वर्ष 2026 में वर्धा अर्बन बैंक में कथित हेराफेरी का मामला उजागर होने के बाद संगीता बढ़े ने अपने निवेश और आभूषणों के संबंध में जानकारी ली। तब उन्हें पता चला कि उनकी एफडी कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षर और दस्तावेजों के आधार पर निकाल ली गई थी।
साथ ही लॉकर में रखे गए आभूषण भी कथित रूप से बैंक से निकाल लिए गए। शिकायत के अनुसार, इन आभूषणों को अमोल कठाणे के नाम पर गिरवी रखकर संबंधित राशि भी प्राप्त कर ली गई। महिला की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच-पड़ताल की। इसके बाद धुनीवाले मठ परिसर निवासी प्रवीण बोरकर के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
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प्रकरण में निष्पक्ष जांच करने की हो रही मांग
उल्लेखनीय है कि प्रवीण बोरकर के खिलाफ बैंक प्रशासन द्वारा भी शिकायत किए जाने की जानकारी है। इसके अलावा अन्य कुछ पीड़ितों ने भी शिकायतें दर्ज कराई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उस समय बैंक प्रशासन की मिलीभगत से ही कथित हेराफेरी को अंजाम दिया गया। उनका कहना है कि मामले की गहन और निष्पक्ष जांच होने पर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। पीड़ितों ने मांग की है कि मामले में शामिल सभी जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
