वर्धा में सड़क किनारे घनकचरा बना स्वास्थ्य खतरा, समाधान के लिए 30 सदस्यीय समिति गठित

Wardha Pollution News: वर्धा शहर के पास सड़क मोड़ों पर फेंके जा रहे घनकचरे से प्रदूषण व स्वास्थ्य संकट गहराया है। समस्या के समाधान के लिए गठित 30 सदस्यीय समिति के सहयोग की अपील डॉ. पंकज भोयर ने की।
In Wardha, solid waste dumped along roadsides poses a health hazard; a 30-member committee has been formed to find a solution
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Solid Waste Management Committee: वर्धा शहर के पास सड़क की मोड पर बड़े पैमाने पर घनकचरा फेंका जा रहा है, जिसके कारण शहरवासियों के स्वास्थ्य पर विपरीत परिणाम हो रहा है और साथ ही शहर में प्रदूषण भी बढ़ रहा है। जिला प्रशासन की ओर से घनकचरे का उचित प्रबंधन करने के लिए एक 30 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।

इसके लिए शहर के पास स्थित ग्राम पंचायतों को सहयोग करना चाहिए और यदि कोई समस्या या शिकायत हो तो वह समिति के सामने रखी जानी चाहिए, ऐसी सलाह पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने दी। जिलाधिकारी कार्यालय के सभागार में वर्धा शहर के पास के 11 ग्राम पंचायतों के घनकचरा प्रबंधन प्रोजेक्ट पर एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी।

इस दौरान पालक मंत्री डॉ. पंकज भोयर ने यह बात कही। बैठक में जिलाधिकारी वान्मथी सी।, मुख्य कार्यकारी अधिकारी पराग सोमण, वर्धा नगर परिषद के अध्यक्ष सुधीर पांगुल, उपाध्यक्ष प्रदीपसिंह ठाकूर, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी सूरज गोहाड, प्रकल्प संचालक वैशाली रसाल, उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी अमोल भोसले, तहसीलदार संदीप पुंडेकर, जिला परिषद निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता शुभम गुंडतवार, मुख्याधिकारी विजय देशमुख सहित ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम सेवक आदि उपस्थित थे।

वर्धा शहर के पास के नालवाडी, बोरगांव (मेघे), सिंदी (मेघे), पिपरी (मेघे), सेवाग्राम, आलोडी, उमरी (मेघे), म्हसाला, सावंगी (मेघे), वरुड और पवनार इन 11 गांवों के घनकचरा प्रबंधन के लिए समिति के द्वारा कचरा संकलन के लिए तीन क्षेत्र बनाए जाएंगे। गांवों में संकलित घनकचरा इन क्षेत्रों के डंपिंग यार्ड्स में जमा किया जाएगा। इससे ग्राम पंचायतों पर घनकचरा प्रबंधन का आर्थिक बोझ कम होगा, ऐसा पालकमंत्री डॉ. भोयर ने बताया।

प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए जाएंगे वाहन

ग्राम पंचायतों द्वारा इकट्ठा किया गया घनकचरा निर्धारित क्षेत्र तक पहुंचाने के लिए प्रशासन की ओर से वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके कारण ग्राम पंचायतों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कचरा एकत्रित करने वाली गाड़ियों हर वार्ड में रोजाना जाएं।

साथ ही, मंगल कार्यालय और होटलों को खुले में कचरा फेंकने से रोका जाए, कचरा फेंकते हुए पकड़े जाने पर उनपर दंडात्मक कार्रवाई की जाए, ऐसी सलाह पालकमंत्री डॉ. भोयर ने दी।

जिलाधिकारी वान्मथी सी. ने कहा कि, घनकचरे में प्लास्टिक की मात्रा बहुत अधिक पाई जाती है, जिसे नियंत्रित करना आवश्यक है। नागरिकों में प्लास्टिक के उपयोग को लेकर जागरूकता फैलानी चाहिए। प्लास्टिक का उपयोग करने वालों के साथ- साथ विक्रेताओं पर भी दंडात्मक कार्रवाई की जाए, ऐसा उन्होंने कहा।

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