

Wardha Zilla Parishad School: समीपस्थ सेवाग्राम स्थित जिला परिषद केंद्रीय प्राथमिक स्कूल की छत के स्लैब का बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया। यह घटना रविवार को अवकाश के दिन होने से सौभाग्यवश बड़ा हादसा टल गया। यदि स्कूल के नियमित समय में प्लास्टर गिरता तो विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता था।
बताया जाता है कि स्कूल के जिस कक्ष की छत का प्लास्टर ढहा है, वहां पोषण आहार तैयार किया जाता है। रविवार को स्कूल बंद होने के कारण कक्ष में कोई मौजूद नहीं था। हादसे के बाद स्कूल भवन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
स्कूल के अन्य कक्षों की स्थिति भी जर्जर होने की जानकारी सामने आ रही है। जिले में कई सरकारी स्कूलों की इमारतें पुरानी और जर्जर हो चुकी हैं। वहीं, अनेक स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी के साथ शिक्षकों की कमी के कारण शैक्षणिक कार्य भी प्रभावित होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। विद्यार्थियों की संख्या में भी लगातार कमी देखी जा रही है। ऐसे में सरकारी स्कूलों की इमारतों एवं उपलब्ध सुविधाओं की ओर समय रहते गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता जताई जा रही है।
महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक शिक्षक समिति के राज्याध्यक्ष विजय कोंबे ने कहा कि किसी भी स्कूल की इमारत की स्थिति गंभीर अथवा खतरनाक होने पर शाला प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित कर जर्जर इमारत के फोटो तथा वास्तविक स्थिति दर्ज करते हुए प्रशासन को तत्काल पत्र भेजना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों के साथ-साथ अपनी सुरक्षा को लेकर भी सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि जर्जर स्कूल भवनों के कारण भविष्य में किसी प्रकार की अनहोनी न हो, इसके लिए सरकार और प्रशासन को तत्काल सभी स्कूलों की इमारतों का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य कराने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।