

Wardha Gram Panchayat Sarpanch Election: वर्धा जिले में ग्राम पंचायतों के सरपंच पदों के प्रवर्गवार आरक्षण की प्रक्रिया 23 सितंबर को तहसील मुख्यालयों पर होगी।
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, नामाप्र और सामान्य वर्ग के पदों के साथ महिलाओं के लिए भी आरक्षण निर्धारित किया गया है। जिन ग्राम पंचायतों में ड्रॉ की जरूरत होगी, वहां सदस्यों और नागरिकों की मौजूदगी में प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
महाराष्ट्र ग्राम पंचायत (सरपंच व उपसरपंच) चुनाव नियम 1964 तथा ग्राम विकास विभाग की 12 अगस्त 2026 की शासन अधिसूचना के अनुसार वर्धा जिले में वर्ष 2025 से 2030 की पांच वर्ष की अवधि के लिए सरपंच पदों का प्रवर्गवार आरक्षण निर्धारित किया गया है। इसी के तहत 23 सितंबर को जिले के सभी तहसील मुख्यालयों पर आरक्षण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
जिलाधिकारी वान्मधी सी. के निर्देशानुसार संबंधित अधिकारियों को आरक्षण प्रक्रिया नियमानुसार पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले में निर्धारित सरपंच पदों में विभिन्न प्रवर्गों के लिए आरक्षण तय किया गया है। अनुसूचित जाति प्रवर्ग के लिए 74 सरपंच पद आरक्षित हैं। इनमें 39 पद महिलाओं के लिए आरक्षित रखे गए हैं।
इसी तरह अनुसूचित जनजाति प्रवर्ग में 71 पद आरक्षित हैं, जिनमें 38 पद महिलाओं के लिए निर्धारित किए गए हैं।
नागरिकों के पिछड़ा वर्ग यानी नामाप्र प्रवर्ग के लिए 50 प्रतिशत की सीमा के भीतर 113 सरपंच पद आरक्षित किए गए हैं। इनमें 58 पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
वहीं खुले प्रवर्ग के लिए शेष 261 सरपंच पद निर्धारित किए गए हैं। इनमें 132 पद महिलाओं के लिए आरक्षित बताए गए हैं।
उपविभागीय अधिकारियों को अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आरक्षण की प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं। तहसीलदारों को 23 सितंबर को दोपहर 12 बजे आरक्षण निश्चित कर कार्रवाई का विस्तृत प्रतिवेदन जिला प्रशासन को प्रस्तुत करना है।
जिन ग्राम पंचायतों में आरक्षण तय करने के लिए ड्रॉ निकालना आवश्यक होगा, वहां ग्राम पंचायत सदस्यों और उपस्थित नागरिकों के समक्ष ड्रॉ की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके लिए तहसीलदारों की ओर से सार्वजनिक सूचना जारी कर संबंधित ग्राम पंचायतों के सदस्यों और नागरिकों को बैठक में उपस्थित रहने की जानकारी दी जाएगी।
आरक्षण प्रक्रिया की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए स्थानीय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए हैं। निर्धारित आरक्षित पदों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान लागू किया जाएगा।