

Wardha Free Heart Surgery: राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य योजना (आरबीएसके) ने जिले में बच्चों के स्वास्थ्य सेवा में एक नई उम्मीद जगी है। पिछले 2019 से अब तक 8 वर्षों में इस योजना के तहत 347 हार्ट ऑपरेशन बच्चों पर हुए, जबकि, 2907 बच्चों पर अन्य दूसरे ऑपरेशन हुए हैं। इन जटिल ऑपरेशन का पूरा खर्च सरकार ने उठाया। जिससे परिवारों पर बच्चों के इलाज का आर्थिक बोझ काफी हल्का हुआ है। इस वर्ष 31 बच्चों की जटिल हृदय शल्यक्रिया सफलतापूर्वक की गई हैं, वहीं 245 बच्चों पर अन्य ऑपरेशन किए गए हैं।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य योजना (आरबीएसके) के तहत ० से 18 वर्ष तक के बच्चों की समग्र स्वास्थ्य जांच की जाती है। इस योजना के प्रभावी कार्यान्वयन से अंगनवाड़ी और स्कूल के बच्चों की सालाना स्वास्थ्य जांच होती है। इसके द्वारा जन्मजात हृदय में छेद, वाल्व की समस्या का दोष जैसे गंभीर बीमारियों का समय पर निदान कर तत्काल उपचार किया जाता है। इस योजना का उद्देश्य न केवल कुपोषण और बाल मृत्यु दर को कम करना है, बल्कि बच्चों के समग्र विकास में भी मदद करना है।
गंभीर बीमारियों का समय पर इलाज होने से बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार होता है, और भविष्य में होने वाली जटिलताओं से बचाव होता है। जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य योजना के तहत शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के बच्चों की स्वास्थ्य जांच की जाती है। इसके लिए जिला स्तर पर जिला कार्यक्रम पर्यवेक्षक, सहायक और सांख्यिकी अन्वेषक कार्यरत हैं। साथ ही, शहर और गांवों में मेडिकल टीमों का गठन किया गया है। हर टीम में एक चिकित्सा अधिकारी (स्त्री और पुरुष), एक औषध निर्माता और एक नर्स होती है।
वर्धा जिला शल्य चिकित्सक डॉ. सुमंत वाघ ने कहा कि आरबीएसके के तहत ०0 से 18 वर्ष तक के बच्चों में विभिन्न बीमारियों का समय पर निदान और मुफ्त उपचार किया जाता है। इस अभियान के परिणामस्वरूप जिले के हजारों बच्चों को मुफ्त दवाइयां, हृदय और अन्य शल्यक्रियाओं का लाभमिला है। योजना का लाभ जरूरतमंदों ने लेना चाहिए।