Wardha News: सेलू में बलीराजा सम्मान समारोह, किसानों के लिए 284 करोड़ की नहर मरम्मत परियोजना

Baliraja Samman Samaroh: वर्धा के सेलू तहसील के बोरी (कोकाटे) में आयोजित बलीराजा सम्मान समारोह में पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने किसानों से आधुनिक और सामूहिक खेती अपनाने का आह्वान किया।
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बलीराजा सम्मान समारोह (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Wardha Bor Irrigation Project: वर्धा जिले के किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक तकनीक आधारित सामूहिक खेती तथा कृषि प्रसंस्करण उद्योग अपनाने चाहिए। इसके लिए 'पोकरा' योजना सहित सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। यह बात महाराष्ट्र के पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने सेलू तहसील के बोरी (कोकाटे) गांव में आयोजित बलीराजा सम्मान समारोह एवं जिला स्तरीय कार्यशाला में कही। इस अवसर पर बोर एवं धाम सिंचाई परियोजनाओं की नहर वितरण प्रणाली के मरम्मत एवं नवीनीकरण कार्य का भूमिपूजन भी किया गया।

कार्यक्रम में विधायक डॉ. मनीषा कार्यदे, हिंगणघाट कृषि उपज मंडी समिति के सभापति एड. सुधीर कोठारी, विभागीय कृषि सह-संचालक उमेश घाडगे, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी अरविंद उपरीकर, उपविभागीय अधिकारी दीपक कारंडे, वर्धा सिंचाई विभाग की कार्यकारी अभियंता नीतू चव्हाण, तहसीलदार शंकुतला पाराजे, राजेश सराफ, अशोक कलोडे, अशोक मुडे, सहायक अभियंता सतीश मोवाडे तथा अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

किसानों के लिए 284 करोड़ की नहर मरम्मत परियोजना

डॉ. भोयर ने कहा कि जब तक किसान आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं होगा, तब तक विकसित भारत का सपना साकार नहीं हो सकता। किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें समृद्ध बनाने के लिए सरकार किसान सम्मान योजना, बलीराजा पांदन सड़क योजना, बलीराजा मुफ्त बिजली योजना सहित अनेक अनुदान योजनाएं चला रही है। उन्होंने कहा कि सेलू क्षेत्र के किसानों ने नवाचार आधारित खेती कर राज्य स्तर पर पहचान बनाई है।

नहरों के जीर्णोद्धार के लिए 284 करोड़ मंजूर

पालकमंत्री ने बताया कि बोर और धाम परियोजनाओं की लगभग 40 वर्ष पुरानी नहर वितरण प्रणाली जर्जर हो चुकी थी, जिससे पानी का काफी नुकसान हो रहा था और किसानों तक पर्याप्त सिंचाई नहीं पहुंच पा रही थी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री फडणवीस ने बोर परियोजना की नहरों की मरम्मत के लिए 148 करोड़ रुपये तथा धाम परियोजना के लिए 136 करोड़ रुपये, कुल 284 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।

इस परियोजना से बोर परियोजना के अंतर्गत आने वाले 77 गांव तथा धाम परियोजना के 48 गांव लाभान्वित होगे, इसके साथ ही बोर परियोजना के 12, 194 हेक्टेयर और धाम परियोजना के 6.090 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था पुनस्र्थापित होगी, जिससे सेलू, हिंगणघाट और समुद्रपुर तहसीलों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

नवाचारी किसानों को किया गया सम्मानित

विधायक डॉ.मनीषा कायंदे ने कहा कि युवा किसान आधुनिक और नवाचारी खेती अपनाकर नई मिसाल कायम कर रहे हैं। ऐसे किसानों का सम्मान अन्य किसानों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने बताया कि हाल ही में विधानसभा में महिला किसान सम्मान विधेयक पारित किया गया है, जिससे महिला किसानों को भी उचित सम्मान और पहचान मिलेगी।

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