

Wardha Municipal Council: वर्धा नगर परिषद द्वारा टैक्स निर्धारण प्रक्रिया पर अंमल किया जा रहा है। शहर के करीब 28 हजार संपत्तिधारकों में से लगभग 7 हजार संपत्तिधारकों ने नए टैक्स निर्धारण के खिलाफ आपत्तियां दर्ज कराई थीं। इनमें से करीब 4 हजार संपत्तिधारक सुनवाई के लिए उपस्थित हुए, जबकि करीब 3 हजार संपत्तिधारक अनुपस्थित रहे। आपत्तियों की सुनवाई के दौरान करीब 1,350 संपत्तिधारकों के मामलों में मौका निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के बाद कुछ संपत्तिधारकों का टैक्स कम हुआ, जबकि कुछ मामलों में टैक्स बढ़ने की जानकारी सामने आई है।
हालांकि, टैक्स निर्धारण के लिए किए गए सर्वे को लेकर अब नागरिकों में असंतोष बढ़ रहा है। संपत्तिधारकों का आरोप है कि अधिकांश मामलों में एजेंसी द्वारा किए गए सर्वे में कई खामियां हैं। कई संपत्तियों का वास्तविक क्षेत्रफल, निर्माण की स्थिति अथवा उपयोग सही तरीके से दर्ज नहीं किया गया। इसके चलते संपत्तिधारकों पर बढ़ा हुआ टैक्स निर्धारित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
टैक्स किस नियम और आधार पर लगाया गया है, इसे लेकर भी नागरिकों में एजेंसी के प्रति रोष है। नगर परिषद प्रशासन ने वर्ष 2023-24 से 2026-27 की अवधि के लिए टैक्स निर्धारण प्रक्रिया शुरू की थी। इसके तहत घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया गया और संपत्तिधारकों से आपत्तियां आमंत्रित की गई थीं। सुनवाई के लिए दर्ज आपत्तियों में से अनुपस्थित रहने वाले संपत्तिधारकों के मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
शहर में करीब 23 हजार संपत्तिधारक सुनवाई से वंचित रह गए थे। इसे देखते हुए नगर परिषद की 31 जुलाई की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए अन्य सभी संपत्तिधारकों को भी टैक्स निर्धारण के संबंध में आपत्ति दर्ज कराने का अवसर देने का निर्णय लिया गया है, हालाकि, आपत्ति कब दर्ज करने व सुनवाई के कामकाज की तिथी तय नहीं हुई है, नगर परिषद प्रशासन द्वारा इस बारें में जल्द घोषणा की जाएगी, ऐसा नप प्रशासन ने स्पष्ट किया है।