कारगर साबित हो रहा ‘डायल 112’ वर्ष 2025 में 17,270 कॉल, वर्धा पुलिस राज्य में पांचवें स्थान पर
Wardha News: डायल 112 सेवा से वर्धा जिले में औसतन 4.19 मिनट में पुलिस पहुंच रही है। 2025 में 17,270 कॉल आए, महिलाओं से जुड़े मामले अधिक रहे, जिससे कई जिंदगियां बचीं जबकि फर्जी कॉल चुनौती बने।
- Written By: रूपम सिंह
Wardha Police, Emergency Response System(सौजन्य- AI Generated Photo)
Wardha Police Dial 112 News: बढ़ती आपराधिक वारदातों पर नियंत्रण पाने के लिए जिला पुलिस दल द्वारा 26 सितंबर 2021 से ‘डायल 112’ सेवा शुरू की गई है। इस सेवा के माध्यम से संकट की घड़ी में पीड़ितों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। वर्ष 2025 में डायल 112 पर लगभग 17, 270 कॉल प्राप्त हुए। सभी कॉल पर त्वरित संज्ञान लेते हुए संबंधित पुलिस कर्मी घटनास्थल तक पहुंचे, जिससे पीड़ितों को काफी मदद मिली। इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम (ईआरएसएस) जिले में कारगर साबित हो रहा है। उत्कृष्ट सेवा प्रदान करने के लिए वर्धा पुलिस राज्य में पांचवें स्थान पर रही है। कॉल प्राप्त होते ही औसतन 4।19 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंचने का रिकॉर्ड वर्धा पुलिस के नाम दर्ज है।
इस सिस्टम पर सबसे अधिक कॉल महिलाओं से संबंधित मामलों के प्राप्त हुए हैं। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में डायल 112 की स्वतंत्र यंत्रणा तैनात की गई है। जिले में बढ़ती आपराधिक घटनाओं, जैसे घरेलू विवाद, अवैध व्यवसाय एवं अन्य अपराधों पर नियंत्रण के लिए पिछले कुछ वर्षों से यह यंत्रणा प्रभावी रूप से कार्यरत है। इसके लिए जिले के सभी 19 थानों के कुछ कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
डायल 112 पर कॉल आते ही प्रशिक्षित कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचते हैं। कई बार समय रहते पुलिस के पहुंचने से वारदातें रुकने में मदद मिली है। पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में यह विभाग संचालित किया जा रही है। इस प्रणाली के लिए 6 पुलिसकर्मी एवं 2 तकनीशियन नियुक्त किए गए हैं। किसी भी लोकेशन से कॉल आते ही उसे संबंधित थाने से जोड़ा जाता है। जिसके बाद शीघ्र ही कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचते हैं। इससे पीड़ित व्यक्ति को तुरंत राहत मिलती है।
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इस यंत्रणा के तहत जिले के 19 थानों के लिए जीपीएस सिस्टम से लैस 26 चारपहिया वाहन एवं 29 दोपहिया वाहन, कुल 55 वाहन कार्यरत हैं। सभी थानों में प्रशिक्षित कर्मचारी तैनात हैं, जो क्विक रिस्पॉन्स देकर घटनास्थल पर पहुंचते हैं। सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जाता है, जिससे कई लोगों की जान बचाई जा चुकी है।
फेक कॉल बन रहे सिरदर्द
डायल 112 पर जिले भर से प्रतिदिन 40 से 45 कॉल प्राप्त हो रहे हैं। इनमें अवैध व्यवसाय, घरेल हिंसा, मारपीट, दंगा-फसाद और सड़क हादसों से संबंधित सूचनाएं शामिल होती हैं। सभी कॉल संबंधित थाना क्षेत्र के कर्मियों द्वारा अटेंड कर आवश्यक कार्रवाई की जाती है। हालांकि, कई बार फर्जी कॉल भी प्राप्त होते हैं, जो कर्मियों के लिए सिरदर्द साबित हो रहे हैं। इस प्रकार के कॉल न करने का आह्वान पुलिस ने किया है।
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कॉल की संख्या
- महिलाओं से जुड़े कॉल 5103
- मारपीट व अन्य अपराध कॉल 3565
- सड़क हादसे कॉल 1131
- चोरी प्रकरण कॉल 768
- सीनियर सिटीजन से जुड़े कॉल 870
- शराब प्रकरण कॉल 659
- पशु तस्करी कॉल 173
- नारकोटिक्स कॉल 64
- जुआ, सट्टा कॉल 277
- अन्य प्रकरण कॉल 4660
शिकायतकर्ता को राहत देने की कोशिश
डायल 112 यंत्रणा के माध्यम से पीड़ित एवं शिकायतकर्ता को समय रहते राहत देने का प्रयास किया जाता है, तुरंत कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचते हैं। सड़क हादसों में कई लोगों की जान बचाई गई है। हालांकि, इस प्रणाली पर कुछ फर्जी कॉल भी प्राप्त होते हैं, जिससे परेशानी होती है, लेकिन अब फर्जी कॉल करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
