Wardha News: वर्धा में वननेस वन अभियान, डंपिंग यार्ड भी हो गया गुलजार, किया गया 150 पौधों का रोपण

Wardha Plantation Drive: वर्धा के इंझापुर डंपिंग यार्ड में ‘वननेस वन’ अभियान के तहत 150 पौधों का रोपण किया गया। लगाए गए पौधों की तीन साल तक नियमित देखभाल का संकल्प लिया गया।
wardha oneness van plantation 150 saplings
वर्धा पौधारोपण (सोर्सः सोशल मीडिया)\
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Wardha Environmental Conservation: सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित के पावन आशीर्वाद से संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन की ओर से रविवार, 23 अगस्त को पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से 'वननेस वन-प्रकृति के साथ समरसता' कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके तहत डी-मार्ट के सामने स्थित डंपिंग यार्ड, इंझापुर, वर्धा परिसर में 150 पौधों का रोपण किया गया। सुबह 8 से 11 बजे तक चले इस कार्यक्रम में संत निरंकारी मिशन वर्धा एवं जामनी के सेवादल के भाई-बहनों तथा साध संगत के संतों ने उत्साहपूर्वक सहभाग लिया।

कार्यक्रम में वर्धा नगर परिषद के नगराध्यक्ष सुधीर पांगुल, संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के वर्धा ब्रांच के संयोजक कृष्णकुमार थदानी तथा जामनी ब्रांच के इंचार्ज दीपक भांडेकर प्रमुख रूप से उपस्थित थे। संत निरंकारी मिशन के अनुसार, बाबा हरदेव सिंहजी का संदेश 'प्रदूषण अंदर हो या बाहर, दोनों ही हानिकारक है' पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मानव चेतना को निर्मल बनाने और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा देता है।

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तीन साल तक देखभाल का संकल्प

इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए मिशन द्वारा 'वननेस वन' अभियान के माध्यम से हरित एवं संतुलित भविष्य के निर्माण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के क्षरण जैसी चुनौतियों के बीच 'वननेस वन' अभियान नागरिकों को प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व का संदेश दे रहा है। संत निरंकारी मिशन वर्धा एवं जामनी के सेवादल और साध संगत के सामूहिक प्रयासों से कार्यक्रम सफलतापूर्वक हुआ।

पौधे का नियमित देखभाल करने का संकल्प

इस अभियान की विशेषता केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है। लगाए गए प्रत्येक पौधे की आगामी तीन वर्षों तक नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया गया है, ताकि पौधे विकसित होकर सघन हरित क्षेत्र का रूप ले सकें। इससे जैव विविधता को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होगा और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं हरित वातावरण मिल सकेगा।

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