लावारिस मिली नवजात (सौजन्य-नवभारत)
Wardha District Hospital: कुछ दिनों पहले जिला अस्पताल के शौचालय में मृतावस्था में नवजात शिशु पाया गया था। इसकी चर्चा थमी ही नहीं थी कि बुधवार, 21 जनवरी की दोपहर जुनापानी चौराहे पर हाईवे से सटे खुली जगह पर फिर एक नवजात शिशु जख्मी हालत में मिलने से खलबली मच गई। उक्त शिशु स्त्री जाति का बताया गया। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद शिशु को नागपुर के अस्पताल में रेफर किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पिपरी मेघे जूनापानी चौराहे से नागपुर-तुलजापुर हाईवे गुजरता है। हाईवे के सर्विस मार्ग पर मटन मार्केट व कैन्टिंग के बीच में नवजात बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। यह खबर परिसर में फैली। पता चलते ही परिसर निवासी गौरव वीरखडे अपनी बहन श्रध्दा श्रीकांत प्रधान के साथ वहां पहुंचे। मौके पर रोहीत येटे, सार्थक वाघाडे व अभिषेक सिंगणधुपे भी पहुंचे।
सभी ने सतर्कता दिखाते हुए पुलिस को सूचना की। पश्चात गौरव व श्रध्दा ने समय न गंवाते हुए नवजात शिशु को उठाकर अपनी कार से जिला अस्पताल में ले गए। जहां रामनगर थाने की टीम भी पहुंची। दूसरी टीम ने घटनास्थल पर पहुंच कर पंचनामा किया। करीब दो घंटे तक नवजात शिशु खुली जगह पर पड़ा रहा। उसके शरीर पर कुछ जख्म भी पाये गए।
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उक्त शिशु स्त्री जाति का बताया गया। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद सेवाग्राम के अस्पताल में लाया गया। जहां से नागपुर के लिये रेफर किया गया। रामनगर थाने की महिला पुलिसकर्मी सविता वैरागडे, पुलिसकर्मी हरी राठोड एम्बुलन्स से डॉक्टरो की टीम के साथ शिशु को नागपुर लेकर पहुंचे।
फिलहाल शिशु को उपचार की आवश्यकता बताई गई। घटना के बाद तरह-तरह की चर्चा चल रही है। प्रकरण में रोहीत येटे की शिकायत पर रामनगर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना सामने आते ही रोहीत येटे, गौरव वीरखडे, श्रध्दा प्रधान, सार्थक वाघाडे, अभिषेक सिंगणधुपे व परिसर के नागरीकों ने सतर्कता दिखाने से उक्त शिशु की जान बची। सभी के कार्य की सराहना हो रही है।