

Wardha Navratri Durga Utsav: वर्धा जिले में 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रोत्सव का शुभारंभ होगा। जिले में 1,233 स्थानों पर मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। नवरात्रि के दौरान सुरक्षा के लिए 800 पुलिसकर्मियों, 1,000 होमगार्ड, 2 SRPF प्लाटून और एक QRT टीम समेत बड़ा पुलिस बंदोबस्त तैनात रहेगा।
गणेशोत्सव के बाद जिले में प्रसिद्ध दुर्गोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। रविवार को विधिवत घटस्थापना और पूजा-अर्चना के साथ नवरात्रोत्सव की शुरुआत होगी। शहर के विभिन्न हिस्सों में दुर्गा मंडलों की ओर से आकर्षक पंडाल, विद्युत सजावट और झांकियां तैयार की जा रही हैं।
सराफा बाजार, गोलबाजार, कपड़ा लाइन, सोनार लाइन, पत्रावली चौक, पटेल चौक, किराना लाइन, मोहता जिन परिसर, साप्ताहिक बाजार, शास्त्री चौक, कृष्णनगर, पेद्दार बगीचा, पारस फैक्ट्री चौक, आर्वी नाका, कारला चौक, शिवाजी चौक, धूनीवाले मठ, इतवार, दयालनगर और बोरगांव सहित अनेक क्षेत्रों में दुर्गा मंडलों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।
नवरात्रि के नौ दिनों में श्रद्धालुओं को मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों के दर्शन होंगे। शहर में कहीं मनमोहक तो कहीं भव्य और आकर्षक स्वरूप वाली प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी।
जिले के 19 पुलिस थाना क्षेत्रों के अंतर्गत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 1,233 स्थानों पर दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना होगी। थाना क्षेत्रवार आंकड़ों में वर्धा शहर में 60, सेवाग्राम 43, रामनगर 43, सावंगी मेघे 57, सेलू 44, सिंदी रेलवे 21, दहेगांव 27, पुलगांव 118, देवली 68, अल्लीपुर 76, खरांगणा 49, आर्वी 88, कारंजा 60, आष्टी 59, तलेगांव (शा.पं.) 49, हिंगनघाट 147, वडनेर 101, गिरड 58 और समुद्रपुर में 65 दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी।
इसके अलावा 198 स्थानों पर मां शारदा देवी की प्रतिमाओं की स्थापना की जाएगी।
नवरात्रोत्सव के दौरान भीड़ और कार्यक्रमों को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा की व्यापक तैयारी की है। पुलिस अधीक्षक और अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में 6 SDPO, 13 पुलिस निरीक्षक, 77 API-PSI और 800 पुरुष एवं महिला पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।
इसके अलावा 2 RCP दल, एक QRT टीम, 2 SRPF प्लाटून और 1,000 पुरुष एवं महिला होमगार्ड सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे।
वर्धा शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों को भगवा पताकाओं और आकर्षक रोशनी से सजाया जा रहा है। नौ दिनों तक मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रबंधनों की ओर से भी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।