दत्ता मेघे इंस्टीट्यूट अब हुआ अदाणी इंस्टीट्यूट, UGC से मिली मंजूरी, जानें क्या-क्या बदलेगा

Adani Institute Higher Education: नागपुर-वर्धा के दत्ता मेघे इंस्टीट्यूट का नाम अब अदाणी इंस्टीट्यूट होगा। UGC ने इसे मंजूरी दे दी है। फाउंडेशन के सहयोग से संस्थान में हर साल 100 करोड़ का निवेश होगा।
Datta Meghe Institute Renamed
डॉ.ललितभूषण वाघमारे, चीफ सर्विसेज ऑफिसर रविंद्र मेहेरेसोर्स- सोशल मीडिया
Published on: 
Updated on: 

Datta Meghe Institute Renamed: नागपुर और वर्धा जिलों में संचालित दत्ता मेघे इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च का नाम अब 'अदाणी इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च सेंटर' होगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने संस्थान के नए नाम को मंजूरी दे दी है।

इसकी जानकारी संस्थान के वाइस चांसलर डॉ। ललितभूषण वाघमारे और चीफ सर्विसेज ऑफिसर रविंद्र मेहेरे ने दी। दत्ता मेघे ने वर्ष 1990 में इस संस्थान की स्थापना की थी। मेडिकल कॉलेज से शुरू हुआ यह संस्थान विस्तार के बाद आज नागपुर और वर्धा में परिसरों वाला बहुविषयक विश्वविद्यालय बन चुका है।

नए नामकरण के बाद अदाणी फाउंडेशन और डीएमआईएचईआर के बीच सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। इसके तहत किफायती स्वास्थ्य शिक्षा और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।

वाघमारे ने कहा कि ग्रामीण और वंचित समुदायों पर फोकस

डॉ. वाघमारे ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की संस्थान की प्रतिबद्धता आगे भी कायम रहेगी।

विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित समुदायों के लिए काम करने पर जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही शोध को मजबूत करने, आधुनिक तकनीक अपनाने और विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं, मरीजों तथा समाज के विभिन्न वर्गों के लिए नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।

चीफ सर्विसेज ऑफिसर रविंद्र मेहेरे ने बताया कि स्वास्थ्य शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को 'नेक्स्ट लेवल' तक ले जाने के लिए प्रीति अदाणी का भी सहयोग मिलेगा।

हर वर्ष 100 करोड़ रुपये का निवेश

उन्होंने बताया कि दत्ता मेघे डेटल कॉलेज में अब तक 100 दाखिले हो चुके है। नागपुर और वर्धा जिला, दोनों परिसरों में हर वर्ष करीब 100 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, इसमें से करीब 55 करोड़ रुपये के अत्याधुनिक मेडिकल उपकरण खरीदने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। संस्थान की ओर से विश्वस्तरीय उपकरण और अनुभवी फैकल्टी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जाएगा।

दत्ता मेघे संस्थान और अदाणी फाउंडेशन के बीच हुए समझौते के अनुसार 'जीरो मैनेजमेंट सिस्टम' के माध्यम से कामकाज किया जाएगा। इसमें प्राथमिकता क्रम में सबसे पहले मरीजों, उसके बाद विद्यार्थियों, कर्मचारियों और स्थानीय रोजगार को महत्व दिया जाएगा। संस्थान की ओर से यह भी बताया गया कि अब तक विद्यार्थियों को करीब 60 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी जा चुकी है।

Datta Meghe Institute Renamed
नागपुर जिला परिषद का कमाल, 16 गांवों में बने स्मार्ट PHC और मॉड्यूलर OT, अब मुफ्त मिलेंगे हाई-टेक ऑपरेशन

वर्धा बनेगा बड़ा स्वास्थ्य अनुसंधान केंद्र

स्वास्थ्य क्षेत्र में शोध को मजबूत करने पर अदाणी सोशल फाउंडेशन का विशेष जोर रहेगा। डॉ. वाघमारे के अनुसार, नागपुर जिले में शोध के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं होने के कारण यहां मुख्य रूप से उपचार सेवाओं पर ध्यान दिया जाएगा, वहीं वर्धा में शोध के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध होने के कारण वहां स्वास्थ्य क्षेत्र में अनुसंधान का बड़ा केंद्र विकसित करने की योजना है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com