वर्धा नगर परिषद (सौजन्य-नवभारत)
Wardha Municipal Council News: आर्थिक वर्ष 2025-26 समाप्त होने पर आ गया है। ऐसे में नगर परिषद प्रशासन द्वारा टैक्स वसूली मुहिम को तेज कर दिया है। बार-बार सूचना देने के बावजूद भी टैक्स नहीं भरने से 5 संपत्तिधारकों पर कार्रवाई नप के टैक्स वसूली दस्ते ने कार्रवाई की। अब-तक नप प्रशासन की 58.56 प्रश टैक्स वसूली की गई।
नगर परिषद का नियोजन टैक्स वसुली पर निर्भर रहता है। जिससे आर्थिक वर्ष मार्च महिने में समाप्त होने पर आते ही संपूर्ण टैक्स विभाग वसूली के कार्य में जुट जाता है। 13 मार्च 2026 तक नगर परिषद प्रशासन को कुल 11 करोड़ 81 लाख 4 हजार रुपयों का टैक्स वसूल करने का टार्गेट है। जिसमें से पुराना बकाया टैक्स 4 करोड़ 93 लाख 42 हजार रुपए व शुरू 6 करोड़ 87 लाख 98 हजार रुपए है।
फरवरी महीने से ही नप प्रशासन ने टैक्स वसूली की मुहिम तेज कर दी थी। परिणामवश अब तक 6 करोड़ 91 लाख 8 हजार रूपए टैक्स वसूल किया गया। जिसका प्रतिशत 58.56 प्रश है।
अब तक पुराने बकाए से 2 करोड़ 36 लाख 5 हजार रुपए तथा नए टैक्स से 4 करोड़ 55 लाख 3 हजार रुपए वसूल करने में नप के टैक्स विभाग को कामयाबी मिली है। फिर भी बार-बार सूचना देने के बावजूद भी कुछ लोगों द्वारा टैक्स नहीं भरा जा रहा है। जिनपर 25 हजार रूपयों से जादा का टैक्स पेंडिंग है, ऐसे 2 हजार संपत्तिधारकों को नोटिस भेजकर टैक्स भरने को कहा था
नोटिस पर कुछ लोगों द्वारा बार-बार अनदेखी की जा रही है कुछ संपत्तिधारकों के यहां कार्रवाई के लिए पहुंचते ही वह टैक्स भर रहे है इस दौरान 5 ससंपत्तिधारकों ने टैक्स भरने अनदेखी की जिससे नगर परिषद प्रशासन ने कार्रवाई की है।
एक दुकानदार ने 93 हजार रूपयों का टैक्स नहीं भरा था। जिससे नप के टीम ने जाकर वहां कार्रवाई की। इस टीम में उपमुख्याधिकारी अभिजीत मोटघरे, टैक्स अधिकारी प्रयोजा निम्मानिवार, टैक्स निरीक्षक संतोष डमरे, टैक्स संग्रहक प्रकाश कोरेकर, अशोक गायकवाड, तिलक सुवडोर उपस्थित थे
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वर्धा नगर परिषद मुख्याधिकारी विजय देशमुख ने बताया की आर्थिक वर्ष 15 दिन में समाप्त हो जाएगा, जिससे संपत्ति व पानीपट्टी टैक्स वसूली मुहिम आरंभ कर दी है। नागरिक स्वयं होकर टैक्स भर रहे हैं। शहर के विकासकार्य के दृष्टीकोण से शत प्रतिशत टैक्स वसूली महत्वपूर्ण होती है। जिससे अपना टैक्स नियमित रूप से भरकर शहर के विकास में योगदान दे