

Wardha Industrial Development: वर्धा जिले में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए एमआईडीसी के उपलब्ध भूखंडों का प्रभावी उपयोग किया जाए। भूखंड लेने के बावजूद उद्योग शुरू नहीं करने वाले उद्यमियों की समीक्षा कर उन्हें ए, बी और सी श्रेणी में वर्गीकृत किया जाए तथा नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही एमआईडीसी के खाली भूखंड नए उद्यमियों को उपलब्ध कराने के निर्देश उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत ने दिए। जिलाधिकारी कार्यालय में पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर की उपस्थिति में उद्योग, एमआईडीसी और सीएमईजीपी योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी वान्मथी सी, एमआईडीसी संघटना अध्यक्ष प्रविण हिवरे, नागपुर विभाग के उद्योग व सेवा सहआयुक्त शिवकुमार मुद्दमवार तथा जिला उद्योग केंद्र के सहायक आयुक्त सुनील हजारे उपस्थित थे। मंत्री सामंत ने कहा कि जिन भूखंडों पर उद्योग शुरू हैं, उन्हें ‘ए’, उद्योग शुरू कर वर्तमान में बंद हैं उन्हें ‘बी’, जबकि भूखंड लेने के बाद भी उद्योग शुरू नहीं करने वालों को ‘सी’ श्रेणी में रखा जाए। उन्होंने बंद उद्योगों को पुन: शुरू करने और खाली भूखंडों का उचित उपयोग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले तथा प्रत्यक्ष रोजगार शुरू करने वाले लाभार्थियों का सर्वेक्षण कर उन्हें व्यवसाय के लिए एक लाख रुपए तक का ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी सामंत ने दिए। पारंपरिक कारीगरों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए लाभार्थियों का सम्मेलन आयोजित करने को भी कहा। एमआईडीसी के विस्तार के लिए जमीन अधिग्रहण करते समय भौगोलिक स्थिति का ध्यान रखते हुए पहाड़ी जमीन के बजाय उद्योगों के लिए उपयुक्त समतल जमीन को प्राथमिकता देने के निर्देश उन्होंने दिए। बैठक में बोरगांव एमआईडीसी के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।
पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने कहा कि उद्यमियों को केवल जमीन उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है। उन्हें मुख्य सड़क, पानी और विद्युत सबस्टेशन जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से बैंकों के साथ समन्वय कर ऋण मंजूरी में तेजी लाई जाए तथा उद्यमियों की स्थानीय समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए। इस अवसर पर उद्यमियों ने प्रदूषण नियंत्रण मंडल की अनुमति, ईंधन विहीर की अनुमति, एमएसडीसीएल से मिलने वाले अनुदान तथा फायर सेफ्टी एनओसी जैसी समस्याएं मंत्रियों के समक्ष रखीं। उद्योग मंत्री ने संबंधित विभागों को इन समस्याओं पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।