

Babupeth Sasti Railway Land Acquisition: बाबूपेठ-सास्ती नए रेलवे मार्ग के लिए कढ़ोली (बुज।), मानोली (बुज।) और गोवरी क्षेत्र की उपजाऊ कृषि भूमि का भूमि अधिग्रहण शुरू है। हालांकि, परियोजनाग्रस्त किसानों ने आरोप लगाया है कि उनकी जमीनों के लिए बाजार भाव की तुलना में बेहद कम मुआवजा निर्धारित किया जा रहा है। इससे क्षेत्र के किसानों में भारी रोष व्याप्त है। रेलवे मार्ग के लिए 9 जुलाई 2025 को भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी की गई थी। इसके अनुसार भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू है।
किसानों का कहना है कि प्रशासन द्वारा निर्धारित दर बेहद कम है। उन्होंने वर्तमान बाजार भाव के आधार पर जमीन का उचित मुआवजा देने की मांग की है। भूमि अधिग्रहण और जमीन की माप-जोख का विरोध किए जाने के बाद 27 जुलाई 2026 को राजुरा के उपविभागीय अधिकारी की उपस्थिति में बैठक आयोजित की गई थी। इस दौरान माप-जोख के बाद उचित दर देने का आश्वासन दिया गया था। हालांकि, किसानों को आशंका है कि वास्तविकता में कम दर ही कायम रह सकती है।इसके चलते किसानों का आक्रोश और बढ़ गया है।
किसानों ने पत्रकार परिषद में मांग की कि यदि रेलवे मार्ग के लिए जमीन का अधिग्रहण करना ही है, तो WCL (वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) के माध्यम से भूमि अधिग्रहण किया जाए और किसानों को उनकी जमीन का उचित मुआवजा दिया जाए। किसानों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उचित मुआवजा मिलने तक वे अपनी जमीन देने के लिए तैयार नहीं हैं।
न्यायसंगत मुआवजा नहीं मिलने पर तीव्र आंदोलन छेड़ने की चेतावनी भी किसानों ने दी है। इस संबंध में सांसद प्रतिभा धानोरकर, विधायक देवराव भोंगळे और पूर्व केंद्रीय मंत्री हंसराज अहीर को भी ज्ञापन सौंपा गया है। पत्रकार परिषद में विठोबा हिंगाने, राकेश हिंगाने, रमेश अडवे, शुभम हिंगाने, रमेश कुडे सहित बड़ी संख्या में परियोजनाग्रस्त किसान उपस्थित थे।