9 साल से वेतन बकाया! न्यायालय के आदेश के बाद भी नहीं मिली तनख्वाह, वर्धा में गट सचिवों का आक्रोश
Wardha Employees Protest: वर्धा जिले में 48 गट सचिव पिछले 9 वर्षों से लंबित वेतन की मांग को लेकर नाराज हैं। करीब 12 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान न होने से संगठन ने प्रशासन के खिलाफ तीव्र आंदोलन होगा।
- Written By: आंचल लोखंडे
Group Secretary Union Wardha (सोर्सः सोशल मीडिया)
Group Secretary Union Wardha: वर्धा जिले में कार्यरत 48 गट सचिवों को पिछले कई वर्षों से वेतन नहीं मिलने के कारण उनमें भारी नाराजगी व्याप्त है। प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाले जाने के चलते गट सचिव संगठन अब आक्रामक रुख अपनाने की तैयारी में है, जानकारी के अनुसार, जिले के गट सचिव पिछले 9 वर्षों से लंबित वेतन के लिए लगातार ज्ञापन सौंपते आ रहे हैं और कई बार आंदोलन भी कर चुके हैं।
उन्होंने विभिन्न जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर अपनी समस्या रखी, लेकिन अब तक उन्हें कोई आर्थिक राहत नहीं मिली। उनके बकाया वेतन के भुगतान के लिए लगभग 12 करोड़ रुपये की आवश्यकता बताई गई है बावजूद इसके अब तक एक भी रुपया जारी नहीं किया गया है। इस मामले को लेकर जिला गट सचिव संगठन ने श्रम न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया था।
तीन गट सचिवों ने आत्मदाह का प्रयास किया था
न्यायालय ने गट सचिवों के पक्ष में फैसला देते हुए वेतन भुगतान के आदेश दिए थे, लेकिन संगठन का आरोप है कि प्रशासन ने अब तक इस आदेश का पालन नहीं किया। इस बीच, 15 अगस्त 2025 को तीन गट सचिवों ने आत्मदाह का प्रयास किया था। इस घटना के बाद उम्मीद जताई गई थी कि प्रशासन इस मुद्दे पर गंभीरता से कार्रवाई करेगा, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। वहीं, जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए निधि उपलब्ध कराई गई, लेकिन उसमें गट सचिवों को शामिल नहीं किए जाने से उनकी नाराजगी और बढ़ गई है।
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आंदोलन की तैयारी में संगठन
26 जनवरी 2026 को गट सचिवों ने दोबारा आत्मदाह की चेतावनी दी थी। उस समय प्रशासन ने बातचीत के जरिए वेतन के लिए निधि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। संगठन के अध्यक्ष महेंद्र ठाकर ने बताया कि अब गट सचिव संगठन तीव्र आंदोलन की तैयारी में है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द इस मुद्दे का समाधान निकालने की मांग की है।
