वर्धा में खेत का रास्ता बंद, किसान ने प्रशासन को आत्मदाह की दी चेतावनी

Wardha Farmer: महाराष्ट्र के वर्धा जिले के ब्राह्मणवाडा गांव में खेत जाने का रास्ता बंद होने से परेशान किसान ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि 10 मार्च तक समाधान नहीं हुआ तो आत्मदाह की चेतावनी दी है।
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farm road dispute (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Karanja Ghadge Tahsil News: कारंजा-घाडगे तहसील के ब्राह्मणवाडा गांव में एक किसान ने खेत जाने का रास्ता बंद किए जाने से परेशान होकर आत्मदाह की चेतावनी दी है। पीड़ित किसान महेश कौशलप्रसाद शुक्ला ने इस संबंध में तहसीलदार को लिखित निवेदन सौंपा है। उन्होंने कहा है कि यदि 10 मार्च तक समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे अपनी फसल जलाकर स्वयं आत्मदाह करने के लिए मजबूर होंगे।

जिलाधिकारी और तहसीलदार को दिए गए निवेदन में महेश शुक्ला ने बताया कि गांव के सर्वे नंबर 6 के तहत उनके पास 18 एकड़ पुश्तैनी खेती है, जिसमें उनके दो चाचाओं का भी हिस्सा है। उनका पूरा परिवार इसी खेती पर निर्भर है। शुक्ला के खेत के पीछे सर्वे नंबर 26/1 (क) में गांव के सरपंच दिलीप साठे का खेत है। शुक्ला के अनुसार उनके खेत तक पहुंचने के लिए उत्तर और पश्चिम दिशा से दो शिव मार्ग राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज हैं, लेकिन इसके बावजूद सरपंच दिलीप साठे उनसे उनके खेत से आने-जाने के लिए रास्ता देने को लेकर विवाद कर रहे हैं।

खेत के रास्ते से जुड़ा मामला न्यायालय में भी विचाराधीन

इस मामले में खरांगणा पुलिस थाने में शिकायत भी दर्ज है और खेत के रास्ते से जुड़ा मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है। इसके बावजूद आरोप है कि सरपंच बार-बार छोटी-छोटी बातों पर विवाद कर शुक्ला के खेत जाने वाले रास्ते में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। शुक्ला के खेत से सटे गांव के गोठान के पास एक नाला है। किसान का कहना है कि वे नाले में सीमेंट के पाइप डालकर खेत में सामग्री लाने-ले जाने का काम करते हैं, लेकिन रास्ता बंद होने के कारण अब खेत में सामग्री ले जाना मुश्किल हो गया है।

खेत में तुअर की फसल का ढेर

किसान के अनुसार खेत में तुअर की फसल का ढेर लगा हुआ है, लेकिन रास्ता बंद होने से ट्रैक्टर खेत तक नहीं पहुंच पा रहा है। इस कारण फसल को खेत से बाहर निकालना संभव नहीं हो रहा है। साथ ही जंगली जानवर भी फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

किसान का आरोप है कि कई बार अनुरोध करने के बावजूद सरपंच द्वारा रास्ते पर डाला गया मुरूम हटाया नहीं जा रहा है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो 10 मार्च को वे खेत में रखी तुअर की फसल जलाकर आत्मदाह कर लेंगे। अब इस गंभीर मामले में तहसील प्रशासन क्या कार्रवाई करता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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