वर्धा में नकली नोट फैक्ट्री का भंडाफोड़, 500 के 144 नोट, प्रिंटर जब्त, कई जिलों में भेजी फेक करंसी
Wardha Fake Currency Racket: वर्धा में पुलिस ने 500 रुपये के 144 नकली नोट, दो प्रिंटर और सामग्री जब्त कर नकली नोट छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। मास्टरमाइंड ईश्वर यादव फरार है।
- Written By: प्रिया जैस
नकली नोटो का भंडाफोड़ (सौजन्य-नवभारत)
Fake Notes Seized Maharashtra: वर्धा शहर में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली नोट छापने का भंडाफोड़ किया है। शुक्रवार, 14 नवंबर की देर रात गोंडप्लॉट स्थित केजाजी चौक में छापा मारकर 500 रुपये के 144 नकली नोट, दो प्रिंटर तथा अन्य सामग्री जब्त की गई। मौके से एक किशोर को हिरासत में लिया गया, जबकि मुख्य आरोपी पुलिस की भनक लगते ही फरार होने की जानकारी है।
बताया जा रहा है कि यह गोरखधंधा पिछले एक वर्ष से चल रहा था। पुलिस जांच में कई गंभीर बातें सामने आने की संभावना जताई जा रही है। फरार आरोपी ईश्वर लालसिंह यादव पिछले एक वर्ष से केजाजी चौक स्थित डॉ. प्रकाश तलवेकर के मकान में किराये पर रह रहा था। ईश्वर तीसरे वाले माले पर रहता था, जबकि नीचे के कमरे में उसके पास काम करने वाले नाबालिग किशोर रहते थे।
वर्धा, नागपुर समेत कई जिलों में ट्रांसफर
यहीं पर पिछले एक वर्ष से नकली नोट छापने का काम किया जा रहा था। ईश्वर इन किशोरों के माध्यम से नकली नोट वर्धा, नागपुर सहित अन्य जिलों के बाजारों में चलाने भेजता था। किशोर 50 या 100 रुपये की सामग्री खरीदकर लौटते थे और बची हुई राशि बैंक में जमा की जाती थी। बाद में किसी और के माध्यम से एटीएम से यह राशि निकाली जाती थी।
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नासिक में उजागर हुआ मामला
ईश्वर यादव के दो साथी धनराज धोटे व राहुल आंबटकर नकली नोट लेकर नासिक पहुंचे थे। वहां बाजार में नोट चलाते समय दोनों पकड़े गए। पूछताछ में मामले की कड़ी वर्धा से जुड़ी होने पर नासिक पुलिस ने इसकी सूचना वर्धा की स्थानीय अपराध शाखा के प्रमुख विनोद चौधरी को दी। पीआई चौधरी ने पुलिस अधीक्षक अनुराग जैन के निर्देश पर शहर थाना पुलिस को सूचित किया। इसके बाद थानेदार संतोष ताले के मार्गदर्शन में पीएसआई सिनुकुमार बानोत, कर्मी विवेक बन्सोड, लोभेश गाडवे, समीर खोब्रागडे, अमोल ने छापामार कार्रवाई की।
नकली नोट छापने की सामग्री जब्त
पुलिस ने उक्त मकान से 500 रुपये के 144 नकली नोट (मूल्य 72,000 रु.), दो प्रिंटर, एक मोबाइल, 12×12 व 6×6 इंच के दो फ्रेम, इंक की बोतल, नोट काटने का ब्लेड, ए-4 साइज पेपर, स्केल, दो ईंटें आदि सामग्री जब्त की है। मुख्य आरोपी ईश्वर यादव अपने साथ एक लैपटॉप, कुछ नकली नोट और एक प्रिंटर लेकर फरार हो गया। उसकी खोज में तिन विशेष टीमें रवाना कर दी गई है।
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युवकों के बैंक खातों का होता था उपयोग
उल्लेखनीय है कि केजाजी चौक से हिरासत में लिया गया किशोर पढ़ाई के लिए यहां रहता था। नासिक में पकड़े गए एक आरोपी से उसकी पहचान थी, जिसके जरिये वह इस गोरखधंधे में लिप्त हुआ। आरोपी ईश्वर यादव किशोरों पर दबाव बनाकर उनसे नकली नोट बाजार में चलवाता था।
अपनी पहचान छुपाने के लिए वह उन्हीं के बैंक खातों में राशि जमा करवाकर बाद में उन्हें ही एटीएम से पैसा निकालने भेजता था। जांच में और भी गंभीर तथ्यों के उजागर होने की संभावना है। इस प्रकरण की आगे की जांच पुलिस उपनिरीक्षक प्रमोद रास्कर तथा पुलिसकर्मी इमरान खीलची कर रहे हैं।
