वर्धा: संचमान्यता के बिना शिक्षकों के समायोजन पर बवाल; प्रहार शिक्षक संगठन ने उठाए सवाल

Wardha News: वर्धा में 213 शिक्षकों ,कर्मियों के समायोजन की प्रक्रिया शुरू होते ही विवादों में घिर गई है। संचमान्यता अपडेट न होने और नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए प्रहार संगठन ने विरोध जताया है।
Controversy erupts in Wardha over teacher adjustments without updated Sanchmanyata. Prahar Teacher Union labels the process illegal; 48 objections filed before EO.
वर्धा: संचमान्यता शिक्षक (सोर्स- नवभारत )
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Wardha Education Officer Jayshree Raut News: वर्धा स्कूलों की संचमान्यता पूरी होने के बाद ही शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के समायोजन की प्रक्रिया होना आवश्यक है। मात्र संचमान्यता अपडेट न होते हुए मंगलवार को शिक्षणाधिकारी (माध्यमिक) जयश्री राऊत ने अपने कक्ष में समायोजन से संबंधित शिक्षकों और कर्मचारियों के आपत्तियों पर सुनवाई लेकर दर्ज की। जिससे यह पूरी प्रक्रिया अब संदेह के घेरे में आ गई है।

इस प्रक्रिया पर प्रहार शिक्षक संगठन ने भी आपत्ति दर्ज की है। माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकार क्षेत्र में आने वाले जिले के 213 शिक्षकों व शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के समायोजन का निर्णय लिया गया। परंतु, इस प्रक्रिया पर 48 शिक्षकों व कर्मचारियों ने आपत्ति दर्ज कराई है। इन्हीं आपत्तियों के संदर्भ में मंगलवार को शिक्षा अधिकारी जयश्री राऊत ने संस्थाओं के अध्यक्ष, संबंधित स्कूलों के मुख्याध्यापक, आपत्ति दर्ज कराने वाले शिक्षक व कर्मचारी को बुलाकर सुनवाई की। हालांकि इस सुनवाई से संबंधित कोई भी विस्तृत जानकारी न मिले, इसके लिए मौखिक रूप से गोपनीयता बनाए रखने के निर्देश दिए गए थे।

इसलिए किन-किन तहसील के कितने शिक्षक व कर्मचारी ने आपत्ति दर्ज की, इसकी जानकारी सामने नहीं आ सकी। इस संबंध में शिक्षा अधिकारी जयश्री राऊत से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया न देकर चुप्पी साधी। यदि स्कूलों की संचमान्यता शत-प्रतिशत अपडेट किए बिना और शून्य शिक्षक वाले स्कूलों पर ठोस सरकारी निर्णय लिए बिना समायोजन प्रक्रिया लागू की जाती है, तो ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के शैक्षणिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

साथ ही, यदि इससे विद्यार्थी मुख्यधारा से बाहर होते हैं, तो यह बालकों के मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार कानून का उल्लंघन माना जाएगा, ऐसा विशेषज्ञों का कहना है। राज्य के किसी भी जिले में इतनी जल्दबाजी में शिक्षकों और कर्मचारियों का समायोजन नहीं किया गया है। लेकिन जिले में इस प्रक्रिया को तेजी से लागू करने के आरोप शिक्षक वर्ग द्वारा लगाए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है की, शिक्षा राज्यमंत्री डा. पंकज भोयर जिले से होने के बावजूद वह भी इस प्रक्रिया से अनभिज्ञ है।

सरकारी स्तर से समायोजन प्रक्रिया के संदर्भ में आदेश नहीं

वर्धा शिक्षकों और कर्मचारियों के समायोजन की प्रक्रिया कब लागू की जाए, इस संबंध में शासन स्तर से कोई लिखित आदेश नहीं है। इसके बावजूद वर्धा जिले में प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शत-प्रतिशत संचमान्यता के बिना समायोजन करना अवैध है। साथ ही, शून्य शिक्षक वाले स्कूलों पर कोई नीति नहीं होने के बावजूद उन्हें बंद कर वहां के कर्मचारियों का समायोजन करना बच्चों के शिक्षा अधिकार का उल्लंघन है। इसे प्रहार शिक्षक संगठन स्वीकार नहीं करेगा। (अजय भोयर, नागपुर विभाग प्रमुख, प्रहार शिक्षक संगठन)

31 मार्च तक प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश

राज्य में लगभग 90 प्रतिशत संचमान्यता का कार्य पूरा हो चुका है। साथ ही 31 मार्च तक समायोजन प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश वरिष्ठ स्तर से दिए गए हैं। आपत्तियों के आधार पर संचमान्यता में सुधार या अन्य प्रस्ताव होने पर उन्हें एकत्र कर उपसंचालक को भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं। (माधुरी सावरकर, शिक्षण उपसंचालक, शिक्षा, नागपुर)

  • प्रहार शिक्षक संगठन ने की आपत्ति दर्ज
  •  EO ने आपत्तियों पर की सुनवाई
  • 213 कर्मचारियों के समायोजन का निर्णय
  • 48 शिक्षकों व कर्मियों की आपत्ति करायी दर्ज
  • ग्रामीण छात्रों की शिक्षा का नुकसान होने की आशंका
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