महाराष्ट्र में दहेज के खिलाफ बड़ी जंग! पिछले 5 सालों में आई भारी कमी, मंत्री पंकज भोयर ने पेश किए आंकड़े

Maharashtra Dowry Cases: महाराष्ट्र विधानसभा में मंत्री पंकज भोयर ने बताया कि सरकारी सख्ती और जागरूकता अभियानों के कारण राज्य में दहेज संबंधित मामलों में गिरावट आई है।
Maharashtra: Reduction in dowry related crimes Pankaj Bhoyar Assembly report
मंत्री पंकज भोयर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Maharashtra Minister Pankaj Bhoyar Assembly Statement: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। विधानसभा में एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए राज्य मंत्री पंकज भोयर ने सोमवार को महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए। उन्होंने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में राज्य में दहेज से संबंधित अपराधों में लगातार कमी दर्ज की गई है।

आंकड़ों में सुधार की झलक

मंत्री पंकज भोयर ने सदन को बताया कि साल 2022 में दहेज से संबंधित अपराध के 180 मामले दर्ज किए गए थे, जो साल 2025 में घटकर 138 रह गए हैं।

वर्ष दर्ज मामले गिरफ्तारियां
2021 172 534
2022 180 515
2023 170 381
2024 139 234
2025 138 313

कानूनी सख्ती और सरकारी तंत्र

मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य ने महाराष्ट्र दहेज निषेध नियम, 2003 के माध्यम से कानूनों को बेहद प्रभावी ढंग से लागू किया है। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य, जिला और तालुका स्तर पर दहेज प्रतिषेध अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा, पुलिस की एक अलग विशेष शाखा और 'भरोसा सेल' जैसी व्यवस्थाएं पीड़ितों की मदद के लिए 24 घंटे तत्पर हैं।

जागरूकता अभियान चलाया जा रहा

महाराष्ट्र में दहेज के खिलाफ सामाजिक चेतना जगाने के लिए हर साल 26 नवंबर को दहेज रोधी दिवस मनाया जाता है। इसके बाद 2 दिसंबर तक 'दहेज रोधी सप्ताह' का आयोजन होता है, जिसमें राज्य भर में शिक्षा और जागरूकता के कार्यक्रम चलाए जाते हैं।

विपक्ष ने उठाए सवाल

चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक ज्योति गायकवाड़ ने कानून के बावजूद समाज में बनी इस समस्या पर चिंता जताई और जिलेवार आंकड़ों की मांग की। वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक प्रकाश सोलंके ने ग्रामीण इलाकों में पुरुषों के अविवाहित रहने की सामाजिक-आर्थिक समस्याओं पर ध्यान आकर्षित किया। भाजपा के विक्रम सतपुते ने अधिकारियों द्वारा त्रैमासिक रिपोर्ट की नियमितता पर सवाल किया, जबकि कांग्रेस के नितिन राउत ने थानों में शिकायत दर्ज कराने में पीड़ितों की हिचकिचाहट का मुद्दा उठाया। मंत्री पंकज भोयर ने सदन को आश्वासन दिया कि इन सभी सुझावों की गंभीरता से जांच की जाएगी और सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।

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