Wardha DPC: दो महीने और करोड़ों का बजट! वर्धा प्रशासन के सामने मार्च तक निधि खर्च करने की 'अग्निपरीक्षा'

Wardha DPC Fund: वर्धा जिले को मिली DPC की 100% निधि: 412.70 करोड़ रुपये का बजट मंजूर। मार्च अंत तक खर्च करने की चुनौती। पालकमंत्री पंकज भोयर ने विकास कार्यों में तेजी के दिए निर्देश।
Wardha district receives 100% DPC funds of ₹412.70 Cr. Administration has only 2 months to spend the budget on healthcare, education, and infrastructure.
वर्धा न्यूज
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District Planning Committee: वर्धा जिले में विभिन्न विभागों के अंतर्गत किए जाने वाले विकास कार्यों के लिए वर्ष 2025-26 की जिला वार्षिक योजना के तहत अतिरिक्त मांग सहित कुल 412.70 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई थी। जिला वार्षिक योजना के अंतर्गत विभिन्न विभागों से प्रस्ताव मंगवाए गए थे। नवंबर अंत तक जिले को कुल बजट का 60 प्रतिशत, अर्थात 274.43 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे।

इसके बाद तीनों हेड के अंतर्गत विभिन्न कार्यों के लिए संबंधित विभागों को लगभग 117.91 करोड़ रुपये का निधि वितरण की जा चुकी है। सरकार से मिलने वाले शेष 40 प्रतिशत निधि की प्रतीक्षा थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार 30 जनवरी को डीपीसी का शेष निधि जिला प्रशासन को प्राप्त हो गया है। अब उपरोक्त शत-प्रतिशत निधि को मार्च अंत तक विकास कार्यों पर खर्च करना अनिवार्य है।

जिला नियोजन समिति की बैठक

उल्लेखनीय है कि जिले के पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर की अध्यक्षता में वर्ष 2025 26 के लिए जिला नियोजन समिति की बैठक संपन्न हुई थी। इस आर्थिक वर्ष के लिए जिला वार्षिक योजना के तहत जनरल फंड में 350 करोड़ रुपये, अनुसूचित जाति उपयोजना के लिए 44 करोड़ रुपये तथा आदिवासी क्षेत्र बाह्य उपयोजना के लिए 18 करोड़ 70 लाख 6 हजार रुपये, इस प्रकार कुल 412 करोड़ 70 लाख 6 हजार रुपये के बजट को मंजूरी दी गई थी।

पहले चरण में लगभग 60 प्रश निधि, यानी 274.43 करोड़ रुपये, जिले को प्राप्त हुए थे। इसमें से डीपीसी को मिले प्रस्तावों के आधार पर अब तक 117.91 करोड़ रुपये का वितरण विभिन्न विभागों में किया गया है। जनरल फंड के अंतर्गत स्वीकृत निधि में से लगभग 210 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे, जिनमें से 96.74 करोड़ रुपये वितरित किए गए थे। जनरल फंड की शेष 140 करोड़ रुपये की राशि 30 जनवरी को प्राप्त हुई है।

इसका उपयोग कृषि व उससे जुड़े कार्यों, सामाजिक व सामूहिक सेवाओं जैसे स्वास्थ्य, क्रीड़ा, शिक्षा, पुस्तकालय, नगर पालिका, महिला एवं बाल कल्याण विभाग, जलसंपदा, विद्युत सेवा, उद्योग, सड़क विकास, पुलिस विभाग, पर्यटन व इको-टूरिज्म, यात्रा स्थल, नवोन्मेषी कार्यों सहित अन्य विकास कार्यों पर किया जाएगा, ऐसी जानकारी प्रशासन की ओर से दी गई है।

पालकमंत्री ने दिए आवश्यक निर्देश

हाल ही में पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने जिला नियोजन समिति की बैठक में सभी विभाग प्रमुखों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे। साथ ही शेष निधि शीघ्र प्राप्त होने के संकेत भी दिए गए थे। इसके परिणामस्वरूप 30 जनवरी को जिले को डीपीसी का शेष निधि प्राप्त हुआ। इस नए बजट में अनुसूचित जाति उपयोजना तथा आदिवासी क्षेत्र उपयोजना के अंतर्गत कुल 62 करोड़ 70 लाख 6 हजार रुपये स्वीकृत किए गए थे।

दोनों हेड के अंतर्गत अधिकांश निधि प्राप्त होने की जानकारी है। विभिन्न विकास कार्यों के प्रस्तावों को मान्यता दी गई है। शेष निधि प्राप्त होने के कारण अब नए प्रस्ताव भी मंगवाए जा रहे हैं, जिन्हें मंजूरी देकर निधि का वितरण किया जाएगा।

निधि खर्च के लिए केवल 2 माह

वर्ष 2025-26 के लिए 412.70 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है। इसमें से जिले को दो चरणों में 274.43 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके थे, जबकि शेष 138.27 करोड़ रुपये की प्रतीक्षा थी।

अब यह संपूर्ण निधि जिले को प्राप्त हो चुकी है। अब तक डीपीसी का लगभग 50 प्रतिशत निधि वितरित किया जा चुका है। शेष निधि खर्च करने के लिए जिला प्रशासन के पास केवल दो माह का समय शेष है।

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