Wardha Summer Water Crisis (सोर्स- सोशल मीडिया)
Wardha Water Testing Laboratory News: हर व्यक्ति को पीने योग्य स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। वहीं ग्रीष्मकाल की आगाज होने के कारण वर्तमान में भूजल स्तर भी काफी नीचे चला गया है। ऐसी स्थिति में संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए फरवरी महीने में स्वास्थ्य विभाग के नेतृत्व में जिले के 2,665 सार्वजनिक जल स्रोतों से पानी के नमूने लेकर उन्हें परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था।
इनमें से 20 नमूने दूषित पाए गए हैं। जिन जल स्रोतों का पानी दूषित पाया गया है, उन गांवों की ग्राम पंचायतों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से सतर्कता बरतने और आवश्यक उपाय करने के निर्देश प्रशासन ने दिए हैं। दूषित पानी के सेवन से विभिन्न प्रकार की बीमारियां फैल सकती हैं। हर परिवार को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ‘घर घर नल से जल’ जैसी योजनाओं के तहत नल कनेक्शन भी दिए जा रहे हैं।
वर्धा जिले में कुल 521 ग्राम पंचायतें हैं और इनके अंतर्गत कुल 2,665 सार्वजनिक जल स्रोत हैं। फरवरी में जल स्रोतों से 906 नमूने लेकर परीक्षण के लिए भेजे गए, जिनमें से 20 स्रोतों का पानी दूषित पाया गया। इसके बाद संबंधित ग्राम पंचायतों को आवश्यक सावधानी और उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं।
दूषित पानी का सेवन कई बीमारियों को आमंत्रित करता है। चिकित्सा विशेषज्ञ भी पानी को उबालकर ठंडा करने के बाद पीने की सलाह देते हैं। वर्तमान में गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है और भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। ऐसे में संक्रामक रोगों के प्रसार को रोकने के लिए नागरिकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
| तहसील | दूषित जल स्रोत (संख्या) |
|---|---|
| वर्धा | 05 |
| सेलू | 02 |
| देवली | 03 |
| आर्वी | 00 |
| आष्टी | 00 |
| कारंजा | 06 |
| समुद्रपुर | 00 |
| हिंगनघाट | 04 |