Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

वर्धा: सरकारी कपास खरीद बंद होने से बढ़ी किसानों की मुश्किलें; व्यापारियों को कम दाम में बेचने की मजबूरी

Wardha News: वर्धा जिले में सीसीआई (CCI) द्वारा कपास की सरकारी खरीद बंद होने से किसान संकट में हैं। समर्थन मूल्य न मिलने के कारण अब किसान मजबूरी में कम दामों पर निजी व्यापारियों को कपास बेच रहे हैं।

  • Written By: रूपम सिंह
Updated On: Mar 25, 2026 | 05:49 PM

कपास किसान (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

Wardha Farmers Cotton MSP News: वर्धा जिले में सरकारी स्तर पर कपास खरीद बंद होने के बाद किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ‘सफेद सोना’ कहे जाने वाले कपास को अब किसान मजबूरी में निजी व्यापारियों को बेच रहे हैं, जिससे उनमें नाराजगी का माहौल है। किसानों और जिले की बाजार समितियों के पदाधिकारियों ने शासन से मांग की थी कि समर्थन मूल्य पर कपास खरीद की अंतिम तिथि 31 अप्रैल तक बढ़ाई जाए, लेकिन इस मांग पर ध्यान नहीं दिया गया।

परिणामस्वरूप सरकारी खरीद बंद होते ही किसानों का कपास अब व्यापारियों के घर पहुंचने लगा है। इस वर्ष किसानों को उम्मीद थी कि कपास को अच्छा भाव मिलेगा, लेकिन वास्तविकता में अपेक्षित दर नहीं मिलने से कई किसानों ने कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) के माध्यम से समर्थन मूल्य पर कपास बेचने के लिए पंजीयन कराया। कुछ किसानों ने शुरुआत में ही कम दर पर बिक्री कर दी, जबकि कई किसानों ने बेहतर भाव की उम्मीद में कपास घर पर ही जमा कर रखा।

बड़ी मात्रा में कपास किसानों के पास होने के कारण खरीद अवधि बढ़ाने की मांग जोर पकड़ने लगी थी। इसके चलते सीसीआई के खरीद केंद्रों को 15 मार्च तक की मोहलत दी गई। हालांकि 27 फरवरी के बाद छुट्टियों को छोड़कर केवल सात दिनों तक ही खरीद हो सकी, जिससे कई किसान अपना कपास केंद्रों तक नहीं पहुंचा पाए।

सम्बंधित ख़बरें

वर्धा: बोर व्याघ्र परियोजना में भीषण जल संकट; बाघिन ‘कैटरीना’ ने शावकों के साथ बोरी गांव के पास डाला डेरा

मोबाइल पर मिला अपना ही वीडियो और फिर… अशोक खरात मामले में पीड़िता ने बताया उस दिन केबिन में क्या हुआ

वर्धा: तुअर उत्पादक किसानों को झटका; नाफेड केंद्रों की सुस्त रफ्तार और निजी व्यापारियों की मनमानी से नुकसान

जालना में टमाटर किसान हुए ‘लाल’! 5 रुपये किलो भाव मिलने पर सड़क पर फेंकी 25 क्विंटल फसल, MSP की मांग

यह भी पढ़े:- वर्धा: बोर व्याघ्र परियोजना में भीषण जल संकट; बाघिन ‘कैटरीना’ ने शावकों के साथ बोरी गांव के पास डाला डेरा

कई किसानों का कपास घर में

पंजीयन कराने वाले सभी किसानों का कपास खरीदी केंद्रों तक नहीं पहुंच पाया और इसी बीच खरीद प्रक्रिया बंद हो गई, जिससे वर्धा किसानों में असंतोष बढ़ गया है। जिन किसानों ने पंजीयन नहीं कराया था, उनका कपास भी घरों में ही पड़ा हुआ है। ऐसी स्थिति में अब किसानों को मजबूरी में निजी व्यापारियों को लगभग 7,000 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से अच्छा गुणवत्ता वाला कपास बेचना पड़ रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

Wardha cotton procurement closed farmers selling to private traders

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Mar 25, 2026 | 05:49 PM

Topics:  

  • cottn price hike. cotton price
  • farmers demand
  • Maharashtra News
  • MSP Guarantee
  • Wardha News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.