वर्धा नदी में पानी आने से मोवाड़ के संतरा किसानों को बड़ी राहत

Wardha River Water Release: मध्यप्रदेश के चिचंडा बांध से वर्धा नदी में पानी छोड़े जाने के बाद मोवाड़ क्षेत्र के हजारों हेक्टेयर संतरा फसलों को राहत मिली है।
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Wardha News: वर्धा नदी में आया पानी, चेहरे पर लौटी मुस्कान मध्यप्रदेश से छोड़े गए पानी से हजारों हेक्टेयर संतरा फसल को राहत मोवाड़, सं.. स्थानीय मोवाड़ क्षेत्र से बहने वाली वर्धा नदी में मध्यप्रदेश के चिचंडा स्थित बांध से पानी छोड़े जाने के बाद पूरे इलाके में खुशी का माहौल है.

इस कदम से हजारों हेक्टेयर में संतरा उत्पादन करने वाले किसानों को बड़ी राहत मिली है, वहीं शहर में पेयजल संकट भी काफी हद तक दूर हो गया है. जानकारी के अनुसार, जनवरी महीने में हालात इतने खराब थे कि कई स्थानों पर कुओं का पानी केवल 30 मिनट से 1 घंटे तक ही उपलब्ध हो पाता था.

इससे संतरा उत्पादक किसान बेहद परेशान और हताश हो चुके थे. गर्मी की शुरुआत के साथ ही मोवाड़ शहर में पेयजल संकट गहराने लगा था. इसी बीच, लगातार प्रयासों के बाद मध्यप्रदेश भाजपा प्रदेशाध्यक्ष तथा बैतूल के विधायक हेमंत खंडेलवाल के हस्तक्षेप से मध्यप्रदेश सरकार ने चिचंडा बांध से पानी छोड़ने का निर्णय लिया, जिससे मोवाड़ क्षेत्र को बड़ी राहत मिली.

जलपूजन कर जताया आभार मोवाड़ के बांध में पानी पहुंचते ही नगरसेवक ललित खंडेलवाल, हिराचंद कडू और किसान राहुल घावडे ने जलपूजन कर खुशी जाहिर की और मध्यप्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया.

संतरा उत्पादक किसानों को मिला बड़ा सहारा मोवाड़ क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आंबिया बहर की संतरा फसल ली जाती है. ऐसे में पानी आने से हजारों हेक्टेयर में फैली फसल को जीवनदान मिला है.

यह क्षेत्र पहले से ही ड्राय जोन के रूप में जाना जाता है, जहां जलस्तर 1200 से 1400 फीट तक नीचे चला जाता है. हर साल किसानों को बोरवेल के लिए लाखों रु. खर्च करने पड़ते हैं, लेकिन इस बार मध्यप्रदेश सरकार की पहल से न केवल खेती, बल्कि पशुओं और ग्रामीणों के पेयजल की समस्या भी काफी हद तक सुलझ गई है.

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